Home » विविध इंडिया » अमेरिका का ईरान पर बड़ा सैन्य हमला, कई शहरों में हवाई हमले; ट्रंप बोले- हमले की कीमत चुकानी होगी

अमेरिका का ईरान पर बड़ा सैन्य हमला, कई शहरों में हवाई हमले; ट्रंप बोले- हमले की कीमत चुकानी होगी

Facebook
Twitter
WhatsApp

तेहरान/वॉशिंगटन। मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों और रणनीतिक ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सेना के अनुसार यह कार्रवाई जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुए ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमले के जवाब में की गई।

अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने बताया कि ईरान की ओर से दागी गई सभी बैलिस्टिक मिसाइलों को वायु रक्षा प्रणाली ने रास्ते में ही निष्क्रिय कर दिया। इसके बाद अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों, कमांड सेंटर, मिसाइल एवं ड्रोन ढांचे और अन्य रणनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया।

ट्रंप की चेतावनी के बाद शुरू हुई जवाबी कार्रवाई

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमले के बाद कहा कि अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने की “भारी कीमत” चुकानी होगी। इसके कुछ समय बाद अमेरिकी सेना ने जवाबी हवाई अभियान शुरू कर दिया। सेंटकॉम ने इसे अमेरिकी सैनिकों और क्षेत्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई बताया है।

इससे पहले अमेरिका और सऊदी अरब की सेनाओं ने इराक में सक्रिय ईरान समर्थित मिलिशिया ठिकानों पर भी संयुक्त हवाई हमले किए थे। इन हमलों में पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेस (PMF) के कई लड़ाकों के मारे जाने की खबर है। वहीं सऊदी अरब ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने तेल प्रतिष्ठानों की ओर भेजे गए कई ड्रोन भी मार गिराए।

अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान के दक्षिणी हिस्सों में स्थित केशम द्वीप, किश, बंदर अब्बास, अबादान, बुशहर, अहवाज और अन्य इलाकों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। ईरानी मीडिया के अनुसार कुछ स्थानों पर रिहायशी इमारतों और विद्युत ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है तथा कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई गई है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

ALSO READ THIS :  दिल्ली-NCR की हवा सुधरी, सितंबर में AQI 102 पर पहुंचा; पांच साल में सबसे कम औसत दर्ज

इस बीच अमेरिका ने ईरान पर नए आर्थिक प्रतिबंधों की भी घोषणा की है। अमेरिकी विदेश विभाग ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े कथित वित्तीय और समुद्री नेटवर्क में शामिल कई संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए हैं। उधर क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

[wonderplugin_slider id=1]

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें