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उत्तराखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज, पहाड़ों में तेज बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट

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देहरादून। उत्तराखंड में रविवार को मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। मौसम विभाग ने राज्य के पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तेज से अति तेज बारिश होने का अनुमान जताया है। मौसम के इस बदलाव को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रा करने वालों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज और बौछारें पड़ सकती हैं। कुछ स्थानों पर बारिश का दौर तेज भी हो सकता है।

छह जिलों में बारिश और गर्जन की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और देहरादून में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा अथवा गर्जन के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

राज्य के अन्य जिलों में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। पर्वतीय इलाकों में मौसम के तीव्र दौर को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है।

आकाशीय बिजली और तेज बारिश को लेकर सावधानी जरूरी

मौसम विभाग ने विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में आकाशीय बिजली और तेज बारिश के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। बारिश के दौरान पहाड़ी रास्तों पर आवाजाही जोखिम भरी हो सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहा। वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में भी अधिकतम तापमान सामान्य से सामान्य से अधिक दर्ज किया गया।

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बंगापानी में 53 मिलीमीटर बारिश, कई इलाकों में झमाझम

बीते 24 घंटों में पिथौरागढ़ के बंगापानी में सबसे अधिक 53 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा लोहर्केत में 39 मिलीमीटर, लैंसडाउन में 25 मिलीमीटर और पिथौरागढ़ में 23.6 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।

काठगोदाम में 22.8 मिलीमीटर, लोहाघाट में 16.6 मिलीमीटर, मुक्तेश्वर में 13 मिलीमीटर, चमोली में 12.4 मिलीमीटर, धारचूला में 11.6 मिलीमीटर और कपकोट में 10 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

देहरादून में बादल छाए रहने का अनुमान

राजधानी देहरादून में रविवार को आंशिक से सामान्य रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में बहुत हल्की से हल्की बारिश अथवा गर्जन के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है।

देहरादून में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। मौसम में बदलाव के बावजूद दिन के समय गर्मी का असर पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है।

काली नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर के करीब

उत्तराखंड में रविवार सुबह आठ बजे तक अधिकांश प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे दर्ज किया गया। हालांकि धारचूला में काली नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर के करीब पहुंचने के कारण निगरानी बढ़ा दी गई है।

केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार धारचूला में काली नदी का जलस्तर 888.60 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां चेतावनी स्तर 889 मीटर है। नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी का रुझान बताया गया है। धारचूला क्षेत्र में पिछले 24 घंटों के दौरान 11.60 मिलीमीटर बारिश भी दर्ज की गई।

अलकनंदा, भागीरथी और गंगा का जलस्तर खतरे से नीचे

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अलकनंदा, भागीरथी, मंदाकिनी और गंगा नदियों के विभिन्न निगरानी स्थलों पर जलस्तर खतरे के निशान से नीचे रहा। ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर 338.70 मीटर और हरिद्वार में 291.40 मीटर दर्ज किया गया।

नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। बारिश बढ़ने की स्थिति में पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले पानी के कारण नदियों के जलस्तर में बदलाव हो सकता है।

हरिद्वार और ऋषिकेश बैराज से पानी का डिस्चार्ज

हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज से 81,135 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। वहीं ऋषिकेश के वीरभद्र बैराज से 60,246.88 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

बाढ़ की संभावित स्थिति पर नजर रखने और समय रहते चेतावनी जारी करने के लिए श्रीनगर, ऋषिकेश, हरिद्वार और रामनगर को प्रमुख निगरानी स्थलों के रूप में रखा गया है।

बारिश के बीच पहाड़ी इलाकों में बढ़ी सतर्कता

मौसम विभाग के पूर्वानुमान और नदियों के जलस्तर को देखते हुए उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की निगरानी महत्वपूर्ण हो गई है। खासकर उन इलाकों में सावधानी जरूरी है जहां भारी बारिश के दौरान अचानक जलस्तर बढ़ने या सड़क मार्ग प्रभावित होने की आशंका रहती है।

फिलहाल अधिकांश प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन काली नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर के करीब होने के कारण स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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