मुज़फ़्फ़रनगर। कुटबा गांव निवासी विजेंद्र सोमवार दोपहर करीब एक बजे अपने पड़ोसी नीटू और बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचे। विजेंद्र ने अपनी मौसी पर धोखाधड़ी कर कथित फर्जी वसीयत के जरिए जमीन और मकान अपने नाम कराने का गंभीर आरोप लगाया। पीड़ित पक्ष के मुताबिक, विवादित संपत्ति की बाजार कीमत करीब एक करोड़ रुपये है।
विजेंद्र और उसके पड़ोसी नीटू का कहना है कि विजेंद्र जब छोटा था, तभी उसके नाना ने गोदनामा यानी दत्तक पत्र के माध्यम से जमीन और मकान उसके नाम कर दिए थे। उनके अनुसार, नाना की मौत के बाद नानी मौसी के पास रहने लगीं। इसी दौरान मौसी ने कथित तौर पर फर्जी वसीयत तैयार कराकर संपत्ति अपने नाम दर्ज करा ली।
पीड़ित पक्ष के मुताबिक, विवाद करीब 8 बीघा जमीन और मकान से जुड़ा है। उनका कहना है कि इस जमीन में से करीब 4 बीघा पहले ही बेची जा चुकी है। नीटू ने विवादित जमीन और मकान की कुल बाजार कीमत करीब एक करोड़ रुपये होने का दावा किया है। विजेंद्र का कहना है कि संपत्ति में उसका आधा हक बनता है और उसे उसका अधिकार दिलाया जाना चाहिए।
विजेंद्र और नीटू ने मौसी के दामाद पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि मौसी का दामाद बाड़मेर, राजस्थान में पुलिस विभाग में बड़े पद पर तैनात है और उसके प्रभाव तथा कथित फोन के जरिए विजेंद्र को डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़ित पक्ष ने जान से मारने की धमकी मिलने का भी आरोप लगाया है।
नीटू और विजेंद्र का दावा है कि करीब चार दिन पहले मौसी की शिकायत पर शाहपुर पुलिस विजेंद्र को थाने ले गई थी। इसके बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में पुलिस स्टेशन पहुंचे। उनके मुताबिक, बाद में विजेंद्र का धारा 151 में चालान किया गया और जमानत पर उसे छोड़ा गया।
पुलिस कार्रवाई से नाराज विजेंद्र और उसके पड़ोसी नीटू ने ग्रामीणों के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दी। पीड़ित पक्ष ने संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराने, कथित फर्जी वसीयत की जांच कराने और उन्हें संपत्ति में उनका अधिकार दिलाने की मांग की है।
साथ ही उन्होंने पुलिस के जरिए कथित रूप से डराने-धमकाने और प्रताड़ित किए जाने के आरोपों की भी जांच की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि संपत्ति विवाद का कानूनी तरीके से समाधान हो सके।
