बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां एक पत्थर की खदान में अचानक चट्टान का बड़ा हिस्सा टूटकर गिरने से सात मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। आशंका जताई जा रही है कि मलबे के नीचे अभी भी कुछ मजदूर फंसे हो सकते हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना बनी हुई है।
यह हादसा बेंगलुरु दक्षिण तालुक के मदपट्टना इलाके में सुबह करीब 5 बजे हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, खदान में करीब 20 मजदूर काम कर रहे थे, तभी अचानक भारी चट्टान खिसककर नीचे गिर गई और कई मजदूर उसकी चपेट में आ गए।
बताया जा रहा है कि हादसे से एक दिन पहले साइट पर ब्लास्टिंग का कार्य हुआ था, जिसके बाद मजदूर लगभग 40 फीट गहराई में खुदाई का काम कर रहे थे। अचानक हुए इस हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई मजदूर चट्टानों के नीचे दब गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना से पहले किसी प्रकार की चेतावनी नहीं मिली। कुछ मजदूर किसी तरह सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल आरआर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
स्थानीय मजदूरों ने बताया कि हादसे के समय कुछ लोग नाइट शिफ्ट के बाद काम संभाल रहे थे। अचानक भारी चट्टान गिरने से कई लोग दब गए और उन्हें बचाने का कोई मौका नहीं मिल सका।
सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंच गए और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। मलबे को हटाने का काम लगातार जारी है, जबकि क्षतिग्रस्त मशीनों को हटाने में भी टीमों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
फिलहाल मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है, हालांकि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सभी मृतक बिहार के प्रवासी मजदूर बताए जा रहे हैं, जबकि कुछ घायल स्थानीय कर्नाटक के निवासी हैं।
इस दर्दनाक घटना पर मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर शोक संदेश जारी करते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही उन्होंने खदान मालिकों पर सुरक्षा मानकों की जिम्मेदारी तय करने और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और हादसे के कारणों की जांच करना है।



