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मुजफ्फरनगर: अरिस्टो पेपर मिल के कचरे से एनएच-58 पर जलभराव, भाकियू का अल्टीमेटम

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मुजफ्फरनगर। मंसूरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव नरा के पास स्थित अरिस्टो पेपर मिल एक बार फिर विवादों के घेरे में है। मिल से निकलने वाले कथित गंदे और प्रदूषित पानी के कारण क्षेत्र का मुख्य नाला पूरी तरह चोक हो गया है। नाले जाम होने से जल निकासी पूरी तरह ठप हो गई है, जिसके चलते दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-58) पर भारी जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। इस समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने तीखा रुख अख्तियार करते हुए प्रशासन को 8 जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया है।

सिल्ट और कचरे से अवरुद्ध हुआ जलमार्ग

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि अरिस्टो पेपर मिल द्वारा बिना किसी उचित ट्रीटमेंट के लगातार केमिकल युक्त और कचरे से भरा गंदा पानी नाले में बहाया जा रहा है। लंबे समय से चल रहे इस सिलसिले के कारण नाले में भारी मात्रा में सिल्ट और मिल का कचरा जमा हो गया है। इसी का नतीजा है कि पानी की निकासी का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया और अब मिल का गंदा पानी बैक मारकर राष्ट्रीय राजमार्ग और आसपास के रास्तों पर फैल रहा है।

कांवड़ यात्रा से ठीक पहले बढ़ेगा हादसों का खतरा

हाईवे पर हुए इस भारी जलभराव के कारण नरा गांव से मुख्य मार्ग की ओर आने-जाने वाले ग्रामीणों को घुटनों तक गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले छोटे और बड़े वाहनों की रफ्तार पर भी ब्रेक लग गया है। स्थानीय लोगों ने चिंता जताते हुए कहा कि अभी तो मानसून की शुरुआती बारिश ही हुई है और आगामी दिनों में पवित्र कांवड़ यात्रा भी शुरू होने वाली है। एनएच-58 कांवड़ यात्रा का मुख्य रूट है, ऐसे में यदि समय रहते इस नाले को साफ नहीं किया गया, तो कांवड़ियों को भारी परेशानी होगी और हादसों का ग्राफ भी बढ़ सकता है।

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भाकियू ने प्रशासन को दी आर-पार की चेतावनी

इस गंभीर समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन के जिला महासचिव अहसान त्यागी ने जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। भाकियू नेता ने कहा कि इस समस्या से अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन मिल प्रबंधन के रसूख के आगे अधिकारी मौन साधे बैठे हैं और जनता को नारकीय जीवन जीने के लिए छोड़ दिया गया है।

8 जुलाई से मिल के गेट पर लगेगा पक्का मोर्चा

किसान नेता अहसान त्यागी ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि प्रशासन और मिल प्रबंधन ने मिलकर 8 जुलाई तक नाले की मुकम्मल सफाई नहीं कराई और हाईवे को जलभराव से मुक्त नहीं किया, तो भारतीय किसान यूनियन अरिस्टो पेपर मिल के मुख्य गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देगी। उन्होंने साफ किया कि इस आंदोलन के दौरान यदि कानून व्यवस्था प्रभावित होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और मिल प्रबंधन की होगी। भाकियू ने जिला मजिस्ट्रेट से मांग की है कि पेपर मिल से निकलने वाले पानी के नमूनों की जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

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