मुजफ्फरनगर। स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मुजफ्फरनगर जनपद ने एक और ऐतिहासिक कीर्तिमान अपने नाम किया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी नवीनतम हेल्थ रैंकिंग डैशबोर्ड (मई-2026) में मुजफ्फरनगर ने उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों को पछाड़ते हुए प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। जनपद का कॉम्पोजिट स्कोर 0.74 दर्ज किया गया है, जो यहां की सुदृढ़ चिकित्सा व्यवस्था को दर्शाता है। इस शानदार उपलब्धि से जिले के स्वास्थ्य महकमे में भारी उत्साह है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुनील तेवतिया ने इस सफलता का श्रेय पूरी टीम की कड़ी मेहनत, कुशल रणनीति और जनता के सहयोग को दिया है।
अग्रणी मानकों पर मुजफ्फरनगर ने मारी बाजी
सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि मुजफ्फरनगर ने गर्भवती महिलाओं की एचआईवी जांच और शिशुओं के पूर्ण टीकाकरण (जिसमें मुख्य रूप से बीसीजी, पेंटा-1, पेंटा-2, पेंटा-3 और खसरा के टीके शामिल हैं) जैसे अति महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतकों में पूरे उत्तर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी पकड़ बेहद मजबूत है और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को पूरी पारदर्शिता व तत्परता के साथ धरातल पर उतारा जा रहा है।
ब्लॉकवार रैंकिंग: पुरकाजी ने मारी बाजी, खतौली ने सुधारी अपनी साख
जनपद के भीतर विभिन्न ब्लॉकों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो ब्लॉकवार समीक्षा में पुरकाजी ब्लॉक ने शानदार कार्य करते हुए प्रथम स्थान झटका है। वहीं, खतौली ब्लॉक ने द्वितीय और शाहपुर ब्लॉक ने तीसरा स्थान हासिल किया है। इन ब्लॉकों ने जन-जन तक स्वास्थ्य योजनाओं को पहुंचाने में उत्कृष्ट भूमिका निभाई। सीएमओ के मुताबिक, पिछले महीने के मुकाबले सबसे शानदार और बड़ी प्रगति खतौली ब्लॉक ने दर्ज की है, जो बेहद सराहनीय है। इसके अलावा परिवार नियोजन कार्यक्रम (जैसे कॉपर-टी और अंतरा इंजेक्शन) के प्रति भी लाभार्थियों में भारी जागरूकता देखने को मिली है।
इन इलाकों में सुस्ती, सुधारी जाएगी व्यवस्था
एक तरफ जहां कुछ ब्लॉकों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, वहीं मुजफ्फरनगर (शहरी क्षेत्र), बुढ़ाना और मुजफ्फरनगर ग्रामीण ब्लॉक का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और ये रैंकिंग में पिछड़ गए। इस कमजोरी को स्वीकार करते हुए सीएमओ ने स्पष्ट किया कि इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए संबंधित नोडल अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यहां के लिए एक विशेष और अलग कार्ययोजना (एक्शन प्लान) तैयार कर नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि कमियों को जल्द से जल्द सुधारा जा सके।
रैंकिंग तो बस जरिया, असली मकसद हर नागरिक की सेवा
इस गौरवमयी उपलब्धि पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जिले के सभी डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, स्वास्थ्य अधिकारियों, एएनएम और जमीनी स्तर पर जुटीं आशा कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने टीम का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि हमारा अंतिम लक्ष्य महज कागजी रैंकिंग में शीर्ष पर आना नहीं है, बल्कि जिले के अंतिम छोर पर बैठे हर असहाय और आम नागरिक तक सुलभ, मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण इलाज पहुंचाना है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य इकाइयों को पूरी ईमानदारी से काम करने की नसीहत दी ताकि आगामी स्वास्थ्य रैंकिंग में मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश में नंबर-1 के पायदान पर काबिज हो सके।



