मुजफ्फरनगर। बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को बेहतर बनाने, मानव तस्करी की रोकथाम करने और मिशन शक्ति अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से बुधवार को पुलिस विभाग की ओर से मासिक समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ की अध्यक्षता में हुई बैठक में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू), स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट (एसजेपीयू) के साथ जिले के सभी थानों पर तैनात बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा विभिन्न संबंधित विभागों, संस्थाओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में प्रतिभाग किया।
बैठक में बच्चों और महिलाओं से संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई करने, पीड़ितों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने और विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों से जुड़े प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता के साथ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
पोक्सो और किशोर न्याय अधिनियम के मामलों की समीक्षा
समीक्षा गोष्ठी के दौरान पोक्सो अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की स्थिति की जानकारी ली गई। इसके साथ ही बाल अपचारियों से संबंधित मामलों, बाल श्रम, भिक्षावृत्ति, मानव तस्करी, कोटपा अधिनियम और मिशन शक्ति अभियान के तहत की जा रही कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।
पुलिस अधीक्षक अपराध ने अधिकारियों से कहा कि बच्चों से जुड़े मामलों में कार्रवाई के दौरान उनकी सुरक्षा और गरिमा का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने लंबित मामलों की प्रभावी निगरानी करने और नियमानुसार कार्रवाई को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
मानव तस्करी, बाल श्रम और भिक्षावृत्ति पर निगरानी के निर्देश
मानव तस्करी की रोकथाम को लेकर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए। बच्चों या महिलाओं के शोषण, जबरन काम कराने, भिक्षावृत्ति में धकेले जाने अथवा किसी अन्य प्रकार के उत्पीड़न की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
बाल श्रम और भिक्षावृत्ति के मामलों में बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने तथा नियमानुसार उनके पुनर्वास की प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। इसके लिए पुलिस, श्रम विभाग, बाल कल्याण समिति और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
मिशन शक्ति अभियान और महिला-बाल सुरक्षा पर जोर
बैठक में महिला एवं बाल सुरक्षा के लिए संचालित मिशन शक्ति अभियान की गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक अपराध ने महिला और बाल सुरक्षा से संबंधित शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने, पीड़ितों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने और मामलों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में शिकायत प्राप्त होने के बाद कार्रवाई में अनावश्यक देरी न हो और जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों एवं संस्थाओं के सहयोग से पीड़ितों को सुरक्षा और सहायता उपलब्ध कराई जाए।
रेलवे परिसरों में बच्चों की सुरक्षा पर भी चर्चा
गोष्ठी में राजकीय रेलवे पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों ने भी भाग लिया। रेलवे परिसरों और उनके आसपास के क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि लावारिस, गुमशुदा या संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने वाले बच्चों के मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार तत्काल कार्रवाई की जाए और बाल कल्याण समिति के साथ समन्वय स्थापित किया जाए।
रेलवे परिसरों में बच्चों से संबंधित गतिविधियों पर निगरानी रखने और किसी भी संदिग्ध स्थिति की सूचना मिलने पर समय से हस्तक्षेप करने पर भी जोर दिया गया।
विभिन्न विभागों और सामाजिक संस्था ने किया प्रतिभाग
मासिक समीक्षा गोष्ठी में अभियोजन अधिकारी संतोष कुमार यादव और राहुल सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता बीना शर्मा, श्रम विभाग के वरिष्ठ सहायक संदीप कुमार शर्मा मौजूद रहे। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष रीना पवार, समिति सदस्य पिंकी रानी, सामाजिक संस्था ग्रामीण समाज विकास केंद्र से गौरव मालिक और राहुल ने भी बैठक में भाग लिया।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण से धनीराम, वन स्टॉप सेंटर की निरीक्षक रेणु सक्सेना तथा थाना एएचटी/एसजेपीयू प्रभारी निरीक्षक सतेन्द्र सिंह नागर भी बैठक में उपस्थित रहे। राजकीय रेलवे पुलिस के उपनिरीक्षक अमित कुमार और रेलवे सुरक्षा बल के सहायक उपनिरीक्षक दनपाल सिंह के साथ जिले के सभी थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।
बैठक में सामाजिक संस्था ग्रामीण समाज विकास केंद्र के प्रतिनिधियों ने भी प्रतिभाग किया। संस्था की सहभागिता के दौरान बाल सुरक्षा, बच्चों के संरक्षण, पुनर्वास और जरूरतमंद बच्चों तक सहायता पहुंचाने से जुड़े विषयों पर विभागीय समन्वय के महत्व पर चर्चा हुई।
बैठक के अंत में अधिकारियों और संबंधित संस्थाओं से बच्चों एवं महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में आपसी सहयोग के साथ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपेक्षा की गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बाल सुरक्षा, मानव तस्करी की रोकथाम और महिला सुरक्षा से जुड़े अभियानों में सभी संबंधित विभागों और सामाजिक संस्थाओं का समन्वय महत्वपूर्ण है।

