नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना गया है। शुभ कार्य, पूजा पाठ, यात्रा, निवेश और धार्मिक अनुष्ठान से पहले पंचांग के माध्यम से तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ अशुभ समय की जानकारी ली जाती है। पंचांग हिंदू काल गणना की पारंपरिक पद्धति है, जिसमें सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति के आधार पर दिन की गणना की जाती है।
14 अगस्त 2026 शुक्रवार को श्रावण महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि शाम 6:47 बजे तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि शुरू हो जाएगी। इसी दौरान शाम 6:46 बजे से हरियाली तीज का शुभारंभ होगा, जो 15 अगस्त को शाम 5:28 बजे तक रहेगी।
शाम से हरियाली तीज का शुभारंभ
हरियाली तीज को भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। 14 अगस्त की शाम 6:46 बजे से हरियाली तीज शुरू होगी। इस अवसर पर श्रद्धालु भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना करेंगे।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हरियाली तीज पर शिव और पार्वती की पूजा करने से दांपत्य जीवन में सुख समृद्धि और सौभाग्य की कामना की जाती है। महिलाएं इस पर्व पर विशेष पूजा और धार्मिक अनुष्ठान करती हैं।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
14 अगस्त को सूर्योदय सुबह 6:06 बजे होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 6:56 बजे होगा। चंद्रमा का उदय सुबह 7:26 बजे और चंद्रास्त शाम 8:09 बजे होगा।
पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्य अश्लेषा नक्षत्र में स्थित रहेगा। चंद्रमा सुबह तड़के 3:42 बजे से 4:38 बजे तक मघा नक्षत्र में रहेगा। इसके बाद पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र प्रारंभ होगा।
शिव योग रहेगा प्रभावी
पंचांग के अनुसार शुक्रवार को हर्षण योग नहीं रहेगा। सुबह 9:27 बजे से 9:31 बजे तक परिघ योग रहेगा और इसके बाद शिव योग प्रारंभ होगा।
धार्मिक दृष्टि से शिव योग को पूजा पाठ और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान भगवान शिव की आराधना करना विशेष फलदायी माना जाता है।
अभिजीत मुहूर्त में शुभ कार्य करना रहेगा मंगलकारी
14 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:05 बजे से 12:57 बजे तक रहेगा। पंचांग में अभिजीत मुहूर्त को दिन के प्रमुख शुभ समयों में शामिल किया जाता है। इस अवधि में शुभ कार्य और धार्मिक गतिविधियां करना मंगलकारी माना जाता है।
इसके अलावा अमृत काल रात 9:56 बजे से 11:28 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि को भी शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।
राहुकाल में नए कार्य शुरू करने से बचें
शुक्रवार को राहुकाल सुबह 10:55 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा। वहीं गुलिक काल सुबह 7:42 बजे से 9:19 बजे तक और यमगंड काल दोपहर 3:44 बजे से शाम 5:20 बजे तक रहेगा।
पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड काल को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। इसलिए इन अवधियों में नए कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।
सूर्य कर्क और चंद्रमा सिंह राशि में
14 अगस्त को सूर्य कर्क राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा सिंह राशि में रहेगा। पंचांग के अनुसार इस दिन पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा।
ज्योतिषीय और वास्तु मान्यताओं के अनुसार दिशाशूल वाली दिशा में यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है। यदि किसी कारण से पश्चिम दिशा की यात्रा करना आवश्यक हो, तो परंपरागत ज्योतिषीय उपायों का पालन कर यात्रा शुरू की जा सकती है।
हरियाली तीज पर शिव पार्वती की पूजा का विशेष अवसर
श्रावण मास में आने वाली हरियाली तीज को भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए विशेष पर्व माना जाता है। 14 अगस्त की शाम से शुरू होने वाले इस पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहेगा।
मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि विधान से शिव पार्वती की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में सुख शांति और समृद्धि की कामना पूरी होती है। हरियाली तीज के अवसर पर मंदिरों में भी विशेष पूजा अर्चना की जाती है।



