मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर में बुधवार दोपहर हुए UGC के नियमों के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान का एक VIDEO सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में प्रदर्शन के दौरान बीजेपी नेता और प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों के बीच तीखी बहस होती दिखाई दे रही है। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच हाथापाई की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग किया।
विवाद प्रदर्शन के दौरान हुई नारेबाजी को लेकर शुरू हुआ। बीजेपी नेता राजकुमार कालरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ लगाए जा रहे नारों पर आपत्ति जताई। कालरा का कहना था कि प्रदर्शन UGC की नीतियों के खिलाफ है, इसलिए इसे मोदी या योगी के खिलाफ नहीं किया जाना चाहिए।
वीडियो में राजकुमार कालरा यह कहते हुए दिखाई-सुनाई दे रहे हैं कि “हम योगी और मोदी के खिलाफ कुछ नहीं सुनेंगे।” इसी बात को लेकर प्रदर्शन में शामिल लोगों से उनकी बहस होने लगी। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
वहीं प्रदर्शन में शामिल हिंदू रक्षा दल के जिलाध्यक्ष शैंकी शर्मा से कई हिंदूवादी लोगों की ओर से आरोप लगाया गया कि UGC के नियमों के खिलाफ अपनी बात रखने के दौरान उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई। उनका कहना था कि वे अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन नारेबाजी को लेकर उन्हें रोकने की कोशिश की गई, जिसके बाद विवाद बढ़ा।
वायरल वीडियो में कुछ लोग दोनों पक्षों को अलग करते हुए दिखाई दे रहे हैं। बीच-बचाव के बाद मामला शांत हुआ। वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम को लेकर “The X India” ने दोनों पक्षों से बातचीत की, जिसमें दोनों पक्षों ने अपनी अपनी बात रखी।
दरअसल, बुधवार को संयुक्त सवर्ण समाज ने UGC के नियमों के विरोध में टाउन हॉल से DM ऑफिस तक पैदल मार्च निकाला था। प्रदर्शनकारियों ने UGC के नियम वापस लेने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा था।
अब प्रदर्शन के दौरान हुए इस विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में है। एक तरफ प्रदर्शनकारी UGC के नियमों को लेकर अपनी मांग उठा रहे थे, वहीं दूसरी तरफ प्रदर्शन के दौरान मोदी-योगी के खिलाफ नारेबाजी को लेकर बीजेपी नेता की आपत्ति ने विवाद का रूप ले लिया।
