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15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, यूपी-बिहार में तेज आंधी और बिजली गिरने का खतरा

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नई दिल्ली। देशभर में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और इसके प्रभाव से कई राज्यों में भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को 15 राज्यों के लिए भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि आगामी दिनों में मानसून की गतिविधियां और तेज होंगी, जिससे कई क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है। विभाग ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों पर लगातार नजर रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

आईएमडी के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर हवा की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवाओं के कारण पेड़ उखड़ सकते हैं, बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो सकते हैं और खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा कई इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान घरों के भीतर सुरक्षित रहें और पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें। खुले मैदानों, जलाशयों और बिजली के खंभों के आसपास जाने से भी परहेज करने की हिदायत दी गई है। विभाग का कहना है कि खराब मौसम के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात पर भी असर पड़ सकता है तथा बिजली आपूर्ति बाधित होने की संभावना बनी रहेगी।

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मानसून के साथ पश्चिमी विक्षोभ ने बढ़ाई चिंता, प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की सलाह

हिमाचल प्रदेश में आगामी दिनों के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने 19 जुलाई से 23 जुलाई के बीच राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून के साथ एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो रहा है, जिससे राज्यभर में व्यापक वर्षा होने की संभावना है।

मौसम केंद्र के निदेशक शोभित कटियार ने बताया कि शनिवार को मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला और सिरमौर जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन, सड़कें बंद होने और अचानक बाढ़ जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि पर्यटकों से भी अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।

जम्मू-कश्मीर में भी अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम के बेहद खराब रहने की संभावना है। आईएमडी ने शनिवार रात, रविवार सुबह तथा 20 से 22 जुलाई के बीच भारी बारिश का अनुमान जताया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान अचानक बाढ़, भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग ने लोगों से नदियों, झरनों और जलप्रपातों के आसपास जाने से बचने, पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। आपदा प्रबंधन एजेंसियों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

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विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के इस चरण में मौसम तेजी से बदल सकता है। ऐसे में नागरिकों को केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन और प्रशासन की सलाह पर भरोसा करना चाहिए। किसानों, यात्रियों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेते रहना चाहिए ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते बचाव किया जा सके।

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