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सावन के पहले सोमवार पर शिव-पार्वती की आराधना से मिलेगा विशेष पुण्य, जानिए शुभ मुहूर्त और अमृत काल

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नई दिल्ली। सावन का पहला सोमवार भगवान शिव की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा या नए कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग देखने की परंपरा है। पंचांग के अनुसार 3 अगस्त 2026, सोमवार को श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि रहेगी। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व बताया गया है।

पंचांग के अनुसार पंचमी तिथि रात्रि 10:54 बजे तक रहेगी, जिसके बाद षष्ठी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन के पहले सोमवार को शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से पंचामृत अभिषेक करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके साथ बेलपत्र, धतूरा, सफेद पुष्प, चंदन और भस्म अर्पित कर भगवान शिव की पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है।

जानिए शुभ मुहूर्त और अमृत काल

सोमवार को सूर्योदय सुबह 6:02 बजे और सूर्यास्त शाम 7:03 बजे होगा। चंद्रोदय रात 9:59 बजे, जबकि चंद्रास्त अगले दिन सुबह 10:54 बजे रहेगा।

इस दिन सुकर्म योग का संयोग रहेगा, जिसे शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। वहीं अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:07 बजे से 12:59 बजे तक रहेगा। यह समय किसी भी मांगलिक कार्य की शुरुआत के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।

पंचांग के अनुसार अमृत काल शाम 5:07 बजे से 6:44 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यता है कि इस अवधि में पूजा-पाठ, जप, दान और अन्य शुभ कार्य करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

राहुकाल और अशुभ समय का रखें ध्यान

पंचांग के अनुसार सोमवार को राहुकाल शाम 7:40 बजे से 9:17 बजे तक रहेगा। इसके अलावा गुलिक काल दोपहर 2:10 बजे से 3:48 बजे तथा यमगंड काल सुबह 10:55 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इन समयों में नए कार्य, निवेश या शुभ यात्रा शुरू करने से बचना चाहिए।

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नक्षत्र, राशि और दिशाशूल

ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस दिन सूर्य पुष्य नक्षत्र में स्थित रहेगा। वहीं चंद्रमा रात 10:00 बजे तक उत्तर भाद्रपदा नक्षत्र में रहेगा, इसके बाद रेवती नक्षत्र प्रारंभ होगा।

राशियों की बात करें तो सूर्य कर्क राशि और चंद्रमा मीन राशि में रहेगा। सोमवार को पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना आवश्यक हो, तो परंपरागत ज्योतिषीय उपाय करने के बाद ही प्रस्थान करना शुभ माना जाता है।

सावन का पहला सोमवार भगवान शिव की आराधना, व्रत, अभिषेक, रुद्राभिषेक और शिव मंत्रों के जप के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। श्रद्धालु इस दिन पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ शिव-पार्वती की पूजा कर सुख, समृद्धि और परिवार की मंगलकामना करते हैं।


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