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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में गुटेरेस की शांति की अपील, बोले दुनिया को संघर्ष नहीं शांति की जरूरत

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संयुक्त राष्ट्र। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दुनिया में बढ़ते संघर्षों को लेकर गंभीर चिंता जताई और सभी देशों से शांति की दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि गाजा से लेकर पूरे मध्य पूर्व, यूक्रेन, सूडान और अन्य संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में दुनिया को शांति की जरूरत है। गुटेरेस ने स्पष्ट किया कि समावेशी वैश्विक विकास का रास्ता शांति से होकर ही गुजरता है।

गाजा से यूक्रेन और सूडान तक शांति की जरूरत

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए गुटेरेस ने कहा कि दुनिया के कई हिस्से लंबे समय से संघर्ष और अस्थिरता से जूझ रहे हैं। इन संघर्षों का सबसे ज्यादा असर ग्लोबल साउथ के देशों और वहां रहने वाली आबादी पर पड़ रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से युद्ध और टकराव की स्थिति को समाप्त करने तथा शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

गुटेरेस ने कहा कि गाजा, मध्य पूर्व, यूक्रेन, सूडान और अन्य संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करना बेहद जरूरी है। उनके मुताबिक वैश्विक विकास, आर्थिक स्थिरता और समावेशी प्रगति के लिए शांतिपूर्ण वातावरण आवश्यक है।

संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन जरूरी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने सभी देशों से संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देशों की संप्रभु समानता, क्षेत्रीय अखंडता और राजनीतिक स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर आवागमन के अधिकार और स्वतंत्रता के सम्मान को भी महत्वपूर्ण बताया। गुटेरेस ने विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के साथ अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और मानवाधिकार कानूनों के पालन पर भी जोर दिया।

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ब्रिक्स सम्मेलन में पश्चिम एशिया के कई प्रमुख नेता मौजूद

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पश्चिम एशिया के संघर्ष से जुड़े कई महत्वपूर्ण नेता भी मौजूद रहे। इनमें ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद शामिल थे।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी सम्मेलन में मौजूद रहे। रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष का असर वैश्विक खाद्यान्न और उर्वरक आपूर्ति पर भी पड़ा है। ऐसे में सम्मेलन में वैश्विक शांति और स्थिरता का मुद्दा विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा।

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी जताई चिंता

गुटेरेस ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा और स्वतंत्र आवाजाही के महत्व पर भी जोर दिया। ईरान और इजरायल के बीच तनाव तथा क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली समुद्री आवाजाही को लेकर भी चिंता सामने आती रही है।

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। इस रास्ते से बड़ी मात्रा में तेल और गैस का परिवहन होता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का व्यवधान वैश्विक ऊर्जा बाजार और आपूर्ति व्यवस्था पर असर डाल सकता है।

मोदी के सम्मेलन विषय का गुटेरेस ने किया उल्लेख

गुटेरेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से तय किए गए सम्मेलन के विषय का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दुनिया को लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के आधार पर आगे बढ़ना होगा। ये सभी तत्व समावेशी वैश्विक विकास के लिए बेहद जरूरी हैं।

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उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए शांति सबसे महत्वपूर्ण शर्तों में से एक है। जब तक दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में संघर्ष जारी रहेगा, तब तक वैश्विक विकास और सहयोग की राह भी प्रभावित होती रहेगी।

ब्रिक्स घोषणा-पत्र में भी शांति और संयम की अपील

गुटेरेस की शांति की अपील का असर ब्रिक्स देशों द्वारा अपनाए गए संयुक्त घोषणा-पत्र में भी दिखाई दिया। घोषणा-पत्र में मध्य पूर्व और पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई गई और सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने का आह्वान किया गया।

घोषणा-पत्र में ऐसे कदमों से बचने की अपील की गई जो क्षेत्रीय स्थिति को और ज्यादा खराब कर सकते हैं। ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब के नेताओं की ओर से घोषणा-पत्र का समर्थन ब्रिक्स देशों के बीच बढ़ती कूटनीतिक एकजुटता के संकेत के रूप में देखा गया।

गाजा में युद्धविराम बनाए रखने और फिलिस्तीनियों के अधिकारों का समर्थन

ब्रिक्स घोषणा-पत्र में गाजा की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई गई। इसमें गाजा में शामिल सभी पक्षों से युद्धविराम बनाए रखने की अपील की गई। साथ ही फिलिस्तीनियों के मौलिक और अविभाज्य अधिकारों की रक्षा का समर्थन किया गया।

घोषणा-पत्र में फिलिस्तीनियों को उनके घरों से बेदखल किए जाने का भी विरोध किया गया। इस तरह ब्रिक्स सम्मेलन में आर्थिक और विकास संबंधी मुद्दों के साथ पश्चिम एशिया, गाजा और अन्य संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में शांति का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया।

वैश्विक विकास के लिए शांति को बताया जरूरी आधार

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में गुटेरेस का संदेश स्पष्ट रहा कि वैश्विक आर्थिक विकास और समावेशी प्रगति के लिए शांति बेहद जरूरी है। उन्होंने संघर्षों को समाप्त करने, अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने और देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। सम्मेलन के दौरान अपनाए गए संयुक्त घोषणा-पत्र में भी मध्य पूर्व में तनाव कम करने और गाजा में युद्धविराम बनाए रखने की अपील को जगह दी गई।

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