नई दिल्ली। दिल्ली के द्वारका जिले में सड़क अपराध और स्नैचिंग की घटनाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी बर्गरी सेल ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो बैंक से नकदी निकालने वाले लोगों, खासकर बुजुर्गों को निशाना बनाता था। पुलिस के अनुसार आरोपी बैंक से नकदी निकालने वाले बुजुर्गों की पहचान करने के बाद उनका पीछा करता था और सुनसान जगह मिलते ही नकदी तथा अन्य सामान छीनकर फरार हो जाता था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से स्नैचिंग की रकम में से 40 हजार 400 रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा छीनी गई रकम से खरीदा गया एक एलईडी टीवी भी पुलिस ने जब्त किया है।
88 वर्षीय बुजुर्ग से छीना था 80 हजार रुपये वाला बैग
पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान 35 वर्षीय दीपक उर्फ छोटे के रूप में हुई है। आरोपी पर 9 सितंबर को छावला इलाके में 88 वर्षीय हरीश चंद से बैग छीनने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक हरीश चंद श्याम विहार फेज टू, दीनपुर, छावला, नजफगढ़ इलाके में थे। उनके बैग में 80 हजार रुपये नकद, केनरा बैंक की चेकबुक और चश्मा रखा हुआ था। वारदात के बाद पीड़ित की शिकायत पर छावला थाने में मामला दर्ज किया गया था।
बैंक से निकलने वालों पर रखता था नजर
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह ऐसे लोगों की तलाश करता था, जो बैंक से नकदी निकालकर बाहर निकलते थे। इनमें बुजुर्ग उसके लिए आसान निशाना होते थे। वह पहले उनकी गतिविधियों पर नजर रखता और फिर मौका देखकर उनका पीछा करता था।
पुलिस के अनुसार सुनसान स्थान मिलते ही आरोपी वारदात को अंजाम देता था। इस तरीके से वह नकदी के साथ बैग में मौजूद अन्य सामान भी लेकर फरार हो जाता था।
100 से 125 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली
वारदात के बाद आरोपी तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौती था। द्वारका जिला डीसीपी के निर्देश पर सड़क अपराध और स्नैचिंग की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए विशेष टीम गठित की गई।
इंस्पेक्टर बसंत कुमार के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल परवीन कुमार, हेड कांस्टेबल कृष्ण, हेड कांस्टेबल अनिल और कांस्टेबल आशीष की टीम ने एसीपी ऑपरेशंस सुभाष मलिक की निगरानी में जांच शुरू की।
पुलिस टीम ने घटनास्थल से लेकर आरोपी के संभावित भागने वाले रास्तों तक लगे करीब 100 से 125 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के आधार पर आरोपी की गतिविधियों और उसके भागने के रास्ते का पता लगाने का प्रयास किया गया।
पहचान छिपाने के लिए वारदात के बाद बदली टीशर्ट
सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान पुलिस को आरोपी की एक अहम गतिविधि नजर आई। पुलिस के मुताबिक वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए टीशर्ट उतार दी और कपड़े बदल लिए।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के साथ तकनीकी निगरानी का सहारा लिया। लगातार जांच के बाद पुलिस ने आरोपी की पहचान दीपक उर्फ छोटे के रूप में की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
80 हजार में से 40 हजार 400 रुपये बरामद
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वारदात के बाद उसने बैग, चेकबुक और चश्मे को घटनास्थल से कुछ दूरी पर फेंक दिया था। इसके बाद 80 हजार रुपये की पूरी रकम अपने पास रख ली।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने 39 हजार 600 रुपये खर्च कर दिए थे, जबकि उसके पास बचे 40 हजार 400 रुपये बरामद कर लिए गए। पुलिस ने छीनी गई रकम से खरीदा गया एक एलईडी टीवी भी जब्त किया है।
बैग, चेकबुक और चश्मे की तलाश जारी
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बैग, चेकबुक और चश्मा कहां फेंका था, इसकी बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने इसी तरीके से अन्य कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।
आरोपी से पूछताछ के आधार पर उसके आपराधिक रिकॉर्ड और संभावित अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले अपराधियों पर पुलिस की नजर
इस घटना ने बैंक से नकदी निकालने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस के अनुसार ऐसे अपराधी अक्सर बैंक के आसपास निगरानी रखकर नकदी निकालने वाले लोगों का पीछा करते हैं।
द्वारका पुलिस का अभियान सड़क अपराध और स्नैचिंग की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जारी है। सीसीटीवी और तकनीकी निगरानी के जरिए ऐसे आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई करने पर पुलिस विशेष जोर दे रही है।
