वाराणसी। शहर में जलभराव और नगरीय व्यवस्थाओं को लेकर शहरी विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में शहर की साफ-सफाई, जल निकासी, बिजली व्यवस्था और बारिश के दौरान सामने आने वाली समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इससे पहले मंत्री ने विभिन्न इलाकों का फील्ड विजिट कर सफाई व्यवस्था और जलभराव की स्थिति का जायजा भी लिया।
बार-बार जलभराव वाले स्थानों को किया जाएगा चिन्हित
एके शर्मा ने कहा कि काशी में नगरीय प्रबंधन और विद्युत व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा की गई है। अधिकांश इलाकों में साफ-सफाई और जल निकासी की व्यवस्था संतोषजनक है, लेकिन कुछ स्थान ऐसे हैं जहां हर साल बारिश के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती है।
मंत्री ने अधिकारियों को ऐसे सभी स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि वहां जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि केवल बारिश के दौरान पानी निकाल देना समस्या का स्थायी हल नहीं है।
इंजीनियरिंग के आधार पर निकाला जाएगा स्थायी समाधान
मंत्री एके शर्मा ने कहा कि जिन इलाकों में परंपरागत रूप से जलभराव होता है, वहां इंजीनियरिंग के आधार पर समाधान तलाशना होगा। जरूरत के अनुसार ऐसे इंतजाम किए जाएंगे, जिससे आने वाले वर्षों में लोगों को बार-बार जलभराव की समस्या का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि इस काम के लिए जितने धन की जरूरत होगी, उसकी व्यवस्था की जाएगी। सरकार का प्रयास है कि काशी को स्थायी रूप से जलभराव की समस्या से मुक्त किया जा सके और बारिश के दौरान लोगों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
नालों में प्लास्टिक की बोरियां डालने पर मंत्री नाराज
इस बीच नालों में प्लास्टिक की बोरियां डालकर जल निकासी बाधित करने से जुड़े वीडियो और तस्वीरों को लेकर मंत्री ने नाराजगी जताई। एके शर्मा ने कहा कि उन्होंने खुद ऐसे वीडियो और तस्वीरें देखी हैं, जिनमें बड़े नालों के भीतर नई प्लास्टिक की बोरियां दिखाई दे रही हैं।
मंत्री के मुताबिक इन बोरियों में नई गिट्टी भरकर उन्हें नालों में डाला गया था। उनका आरोप है कि इस तरह नालों के पानी के प्रवाह को रोकने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि यदि नाले का पानी रुकता है तो स्वाभाविक रूप से आसपास के इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा होगी और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
एके शर्मा बोले- काशी की छवि खराब करने की कोशिश स्वीकार नहीं
एके शर्मा ने नालों में अवरोध पैदा करने की घटना को काशी और प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला कृत्य बताया। उन्होंने ऐसे प्रयासों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि उन्हें इसमें राजनीति नजर आती है।
मंत्री के अनुसार नगर निगम की ओर से इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। कई स्थानों पर इसी तरह नालों में अवरोध पैदा किए जाने की जानकारी सामने आने की बात भी उन्होंने कही।
पुलिस जांच में सामने आएगा कौन डाल रहा था नालों में अवरोध
नगर निगम की शिकायत के आधार पर दर्ज एफआईआर के बाद अब पुलिस मामले की जांच करेगी। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि नालों में बोरी और गिट्टी डालकर जल निकासी बाधित करने के पीछे कौन लोग शामिल हैं।
मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक बारिश के कारण जल निकासी व्यवस्था के सामने चुनौती आ सकती है, लेकिन जानबूझकर नालों में अवरोध पैदा करना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
काशी की साफ-सफाई और जल निकासी प्रशासन की प्राथमिकता
एके शर्मा ने कहा कि काशी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व की नगरी है, जहां देश ही नहीं बल्कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से लोग आते हैं। ऐसे में शहर की साफ-सफाई, जल निकासी और विद्युत व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को जलभराव वाले स्थानों पर स्थायी समाधान की दिशा में काम करने के निर्देश दिए। साथ ही नालों की नियमित निगरानी और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि काशी में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को कम करने के साथ ही भविष्य के लिए स्थायी व्यवस्थाएं विकसित करने पर सरकार का फोकस है।

