Home » उत्तर प्रदेश » इमरान मसूद बोले- ब्रिक्स जितना मजबूत होगा, भारत के लिए उतना बेहतर; चीन से सीमा विवाद का समाधान जरूरी

इमरान मसूद बोले- ब्रिक्स जितना मजबूत होगा, भारत के लिए उतना बेहतर; चीन से सीमा विवाद का समाधान जरूरी

Facebook
Twitter
WhatsApp

सहारनपुर। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में रूस, चीन, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात समेत सदस्य देशों के साझा घोषणापत्र पर सहमति को सकारात्मक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक समीकरणों में ब्रिक्स की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हो रही है और संगठन जितना मजबूत होगा, भारत तथा पूरे क्षेत्र के लिए उतना ही बेहतर होगा।

नए वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की अहम भूमिका

इमरान मसूद ने कहा कि दुनिया में एक नया वर्ल्ड ऑर्डर तैयार हो रहा है और इसमें भारत की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की मजबूती भारत के साथ-साथ पूरे महाद्वीप के लिए जरूरी है।

उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के पास दुनिया की 40 प्रतिशत से अधिक अर्थव्यवस्था और 60 प्रतिशत से ज्यादा आबादी है। इसके अलावा सदस्य देशों के पास बड़ा वर्कफोर्स भी है। ऐसे में यदि ये देश आपसी सहयोग और समन्वय बढ़ाते हैं तो ब्रिक्स वैश्विक स्तर पर और मजबूत संस्था बन सकता है।

एक-दूसरे की संप्रभुता का सम्मान जरूरी

इमरान मसूद ने कहा कि ब्रिक्स देशों को एक-दूसरे की संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से भारत और चीन के बीच जारी विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच विवादों का समाधान होना जरूरी है।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि चीन के साथ व्यापारिक संबंध बढ़ाने से पहले भारत से जुड़े जमीन और सीमा विवादों को सुलझाना आवश्यक है। सीमा से संबंधित मुद्दों पर गंभीरता से काम किया जाना चाहिए, ताकि दोनों देशों के बीच संबंधों में स्थायी सुधार की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।

ALSO READ THIS :  सहारनपुर सर्किट हाउस के कथित विवाद को लेकर साधा निशाना, बोले राजभर आपके अपने लोग ही पीडीए की पोल खोल रहे हैं

एकजुट रहा ब्रिक्स तो ट्रंप को झुकना पड़ेगा: मसूद

ब्रिक्स देशों द्वारा एकपक्षीय युद्धों, आर्थिक प्रतिबंधों और एकतरफा टैरिफ की आलोचना किए जाने तथा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने संगठन के देशों के एकजुट होकर खड़े होने को लेकर भी इमरान मसूद ने प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि यदि ब्रिक्स देश अपने रुख पर मजबूती से कायम रहते हैं तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को झुकना पड़ेगा। उनके मुताबिक ब्रिक्स देशों की सामूहिक ताकत वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करने की क्षमता रखती है।

आतंकवाद का कोई समर्थन नहीं करता: इमरान मसूद

ब्रिक्स सम्मेलन में आतंकवाद के मुद्दे पर चर्चा को लेकर इमरान मसूद ने कहा कि आतंकवाद का कोई समर्थन नहीं करता। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट रुख की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि इस मुद्दे पर सभी देशों को गंभीरता से काम करना चाहिए।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से यूक्रेन की मदद को लेकर दिए गए बयान पर भी कांग्रेस सांसद ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी देश की संप्रभुता पर हमला होगा तो निश्चित तौर पर इस तरह की बातें सामने आएंगी।

पश्चिम बंगाल के मदरसों के नोटिस पर भाजपा पर हमला

पश्चिम बंगाल में मदरसों को मिले नोटिस के मुद्दे पर इमरान मसूद ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास हिंदू-मुसलमान करने के अलावा कोई दूसरा काम नहीं है।

कांग्रेस सांसद ने धार्मिक और खान-पान से जुड़े मुद्दों को लेकर भी भाजपा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक जगह मुसलमानों के मांस खाने पर लोगों को पीटा जाता है, जबकि दूसरी जगह मंदिरों में भी मछली खाई जाती है। उन्होंने ऐसे मामलों को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।

ALSO READ THIS :  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में बारिश ने खोली व्यवस्थाओं की पोल! टर्मिनल से पार्किंग जाने वाले रास्ते में भरा पानी, वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप

ब्रिक्स को मजबूत करने पर जोर

इमरान मसूद ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में ब्रिक्स की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। भारत को अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए सदस्य देशों के साथ सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ सीमा और संप्रभुता से जुड़े मुद्दों पर भी स्पष्ट नीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि ब्रिक्स देश आपसी सम्मान, आर्थिक सहयोग और साझा हितों के आधार पर एकजुट रहते हैं तो यह संगठन वैश्विक स्तर पर एक मजबूत संस्था के रूप में उभर सकता है।

इमरान मसूद ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में ब्रिक्स की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। भारत को अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए सदस्य देशों के साथ सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ सीमा और संप्रभुता से जुड़े मुद्दों पर भी स्पष्ट नीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि ब्रिक्स देश आपसी सम्मान, आर्थिक सहयोग और साझा हितों के आधार पर एकजुट रहते हैं तो यह संगठन वैश्विक स्तर पर एक मजबूत संस्था के रूप में उभर सकता है।

[wonderplugin_slider id=1]

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें