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गणेश पूजा के लिए शुभ रहेगा बुधवार, जानिए अभिजीत मुहूर्त से लेकर राहुकाल तक पूरा पंचांग

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नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत, यात्रा, निवेश, पूजा-पाठ या धार्मिक अनुष्ठान से पहले पंचांग देखकर शुभ और अशुभ समय का विचार किया जाता है। पंचांग के माध्यम से तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, चंद्रास्त और विभिन्न मुहूर्तों की जानकारी मिलती है।

16 सितंबर 2026, बुधवार को भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि सुबह 8:59 बजे तक रहेगी। इसके बाद षष्ठी तिथि का आरंभ हो जाएगा। बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित माना जाता है। ऐसे में इस दिन विधि विधान से भगवान गणेश की पूजा करना फलदायी माना गया है।

सुबह पंचमी तिथि, फिर शुरू होगी षष्ठी

पंचांग के अनुसार 16 सितंबर को पंचमी तिथि सुबह 8:59 बजे तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि शुरू हो जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा करने से विघ्न दूर होते हैं और कार्यों में सफलता प्राप्त होने की कामना की जाती है।

गणेश जी की पूजा के दौरान उन्हें दूर्वा, मोदक और लाल फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार गणेश मंत्रों का जाप और आरती भी कर सकते हैं।

सूर्योदय से चंद्रोदय तक जानिए समय

16 सितंबर को नई दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:17 बजे होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 6:26 बजे होगा। चंद्रमा का उदय सुबह 10:52 बजे होगा और चंद्रास्त रात 9:42 बजे होगा।

पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्य सिंह राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा तुला राशि में रहेगा।

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उत्तर दिशा में रहेगा दिशाशूल

बुधवार को उत्तर दिशा में दिशाशूल रहने की बात पंचांग में कही गई है। पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार दिशाशूल वाले दिन संबंधित दिशा में यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है।

हालांकि यदि किसी आवश्यक कार्य के चलते यात्रा करना जरूरी हो, तो मान्यतानुसार कुछ उपाय करके यात्रा शुरू की जा सकती है। धार्मिक मान्यताओं में यात्रा से पहले शुभ वस्तु का सेवन या भगवान का स्मरण करने को उपयोगी माना जाता है।

अभिजीत मुहूर्त में कर सकते हैं शुभ कार्य

16 सितंबर को दिन का विशेष शुभ समय अभिजीत मुहूर्त रहेगा। यह मुहूर्त सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं में अभिजीत मुहूर्त को दिन के प्रमुख शुभ समयों में माना जाता है।

इसके अलावा अमृत काल सुबह 7:53 बजे से 9:37 बजे तक रहेगा। शुभ कार्यों की योजना बनाते समय इन समयों को ध्यान में रखा जा सकता है।

वैधृति योग के बाद विष्कुम्भ योग

बुधवार को वैधृति योग दोपहर 12:21 बजे तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद विष्कुम्भ योग शुरू हो जाएगा। पंचांग में योगों का भी विशेष महत्व होता है और किसी कार्य के शुभ-अशुभ परिणाम का विचार करते समय तिथि, नक्षत्र और योग समेत कई पक्षों को देखा जाता है।

इस दिन सूर्य उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में स्थित रहेगा।

राहुकाल में नए कार्य शुरू करने से बचने की मान्यता

16 सितंबर को राहुकाल दोपहर 12:21 बजे से 1:52 बजे तक रहेगा। वहीं गुलिक काल सुबह 10:50 बजे से दोपहर 12:21 बजे तक रहेगा। यमगंड काल सुबह 7:48 बजे से 9:19 बजे तक रहेगा।

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ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड के दौरान नए शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए। हालांकि रोजमर्रा के आवश्यक कार्य इन समयों में किए जा सकते हैं।

16 सितंबर को गणेश पूजा का विशेष महत्व

बुधवार को भगवान गणेश की पूजा के लिए विशेष दिन माना जाता है। श्रद्धालु सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर भगवान गणेश का ध्यान कर पूजा कर सकते हैं। गणेश जी को दूर्वा और मोदक अर्पित कर उनके मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है।

धार्मिक मान्यता है कि भगवान गणेश विघ्नहर्ता हैं और उनकी पूजा से कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। इसलिए बुधवार को किसी नए काम की शुरुआत से पहले गणेश जी का स्मरण करना शुभ माना जाता है।

16 सितंबर 2026 का पंचांग एक नजर में

दिन: बुधवार
माह: भाद्रपद
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: पंचमी सुबह 8:59 बजे तक, इसके बाद षष्ठी
सूर्योदय: सुबह 6:17 बजे
सूर्यास्त: शाम 6:26 बजे
चंद्रोदय: सुबह 10:52 बजे
चंद्रास्त: रात 9:42 बजे
नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी
योग: वैधृति दोपहर 12:21 बजे तक, इसके बाद विष्कुम्भ
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक
अमृत काल: सुबह 7:53 बजे से 9:37 बजे तक
राहुकाल: दोपहर 12:21 बजे से 1:52 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 10:50 बजे से दोपहर 12:21 बजे तक
यमगंड: सुबह 7:48 बजे से 9:19 बजे तक
सूर्य राशि: सिंह
चंद्र राशि: तुला
दिशाशूल: उत्तर दिशा

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