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10 लाख की रंगदारी के आरोप से गरमाया मुजफ्फरनगर! हॉस्पिटल संचालक पहुंचे DM के पास, जयवीर बोला- आरोप निराधार

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मुज़फ़्फ़रनगर: जानसठ रोड स्थित वशिष्ठ हॉस्पिटल के संचालक डॉ. आशीष वशिष्ठ ने जाट महासभा मुजफ्फरनगर से जुड़े जयवीर पर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने, ब्लैकमेल करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाते हुए DM से मिलकर बुधवार सुबह करीब 11 बजे शिकायत की है। जबकि इस बात की भनक लगते ही कलेक्ट्रेट पहुंचे आरोपित जयवीर ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए भाभी की मौत के लिए अस्पताल को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही थाना नई मंडी में दर्ज FIR पर कार्रवाई किए जाने की मांग की।

DM को सौंपे गए शिकायती पत्र में डॉ. आशीष वशिष्ठ ने आरोप लगाया है कि खुद को जाट महासभा मुज़फ़्फ़रनगर का सचिव बताने वाला जयवीर शहर के कुछ प्रतिष्ठित व्यवसायियों और डॉक्टरों के खिलाफ शिकायतें कर कथित तौर पर अवैध वसूली करता है। डॉक्टर के मुताबिक, आरोपी ने उनके अस्पताल के खिलाफ भी शिकायत की थी।

डॉक्टर का दावा है कि इस शिकायत की मुख्य CMO स्तर से जांच कराई गई, जिसमें शिकायत को निराधार पाया गया और किसी चिकित्सीय लापरवाही की पुष्टि नहीं हुई। इसके बावजूद आरोपी और उसके साथियों द्वारा अस्पताल और उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अस्पताल को शांतिपूर्वक चलाने के एवज में 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई। रुपये देने से इनकार करने पर एसडीएम और विभिन्न विभागों में शिकायतें कर अस्पताल बंद कराने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। डॉ. आशीष ने यह भी कहा है कि आरोपी के जिले के प्रभावशाली लोगों से संबंध हैं और इसके चलते उन्हें तथा उनके परिवार को खतरा है।

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डॉक्टर की शिकायत की जानकारी मिलने के बाद आरोपी बताए जा रहे जयवीर भी दोपहर करीब 12 बजे जाट महासभा मुज़फ़्फ़रनगर के अध्यक्ष धर्मवीर बालियान के साथ डीएम कार्यालय पहुंचे। जयवीर ने अपने ऊपर लगाए गए रंगदारी और ब्लैकमेलिंग के आरोपों को निराधार बताया।

जयवीर का कहना है कि उसकी भाभी की मौत वशिष्ठ हॉस्पिटल में इलाज के दौरान हुई और इसके पीछे अस्पताल की कथित चिकित्सीय लापरवाही जिम्मेदार है। उसके अनुसार, भाभी के गर्भाशय के ऑपरेशन के दौरान नस कट जाने के बाद उनकी हालत बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें दूसरे अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

जयवीर का दावा है कि अस्पताल की कथित लापरवाही को लेकर की गई शिकायत को दबाने और कार्रवाई से बचने के लिए उसके खिलाफ रंगदारी और धमकी के आरोप लगाए जा रहे हैं।

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