मंसूरपुर। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर मंसूरपुर क्षेत्र में चोरी के डीजल की खरीद-फरोख्त का मामला सामने आया है। हाईवे किनारे एक गोदाम में टैंकर से चोरी कर डीजल उतारकर बेचने की सूचना पर मंसूरपुर पुलिस और आपूर्ति विभाग की टीम ने संयुक्त कार्रवाई की। पुलिस ने मौके से डीजल टैंकर को कब्जे में लेते हुए चालक और गोदाम मालिक को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से चोरी कर रखा गया करीब बीस लीटर डीजल भी बरामद किया गया है।
टैंकर मालिक की सूचना से खुला मामला
बुधवार देर शाम मंसूरपुर पुलिस को सूचना मिली कि नेशनल हाईवे पर सीएनजी पंप के बराबर में पूजा होटल के पास स्थित एक गोदाम में टैंकर से चोरी कर डीजल उतारा जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस के पहुंचने पर वहां एक डीजल टैंकर खड़ा मिला और दो लोग मौजूद थे।
पूछताछ के बाद पुलिस ने संधावली निवासी गोदाम मालिक तेजपाल और मुजफ्फरनगर के जनकपुरी निवासी टैंकर चालक ओमपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया। मौके पर खड़े टैंकर को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया।
गोदाम में चोरी का डीजल खरीदने का आरोप
पुलिस के अनुसार, हाईवे किनारे संचालित इस गोदाम में टैंकरों से चोरी किया गया डीजल खरीदा जाता था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गोदाम काफी समय से संचालित किया जा रहा था। पुलिस और संबंधित विभाग अब इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि यहां कितने समय से चोरी के डीजल की खरीद और बिक्री का काम चल रहा था तथा इस नेटवर्क से और कौन लोग जुड़े हुए हैं।
मौके से बरामद बीस लीटर डीजल को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। कार्रवाई के बाद आपूर्ति विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी।
मेरठ से मुजफ्फरनगर ले जाया जा रहा था डीजल
जांच अधिकारी विपिन कुमार त्यागी के मुताबिक, डीजल टैंकर मेरठ से डीजल लेकर मुजफ्फरनगर काली नदी के पास स्थित एक पेट्रोल पंप पर जा रहा था। आरोप है कि रास्ते में चालक टैंकर से डीजल निकालकर उसे चोरी से बेच देता था।
टैंकर मालिक नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कंबल वाला बाग निवासी मनीष गुप्ता की तहरीर पर पुलिस ने चालक ओमपाल सिंह और गोदाम मालिक तेजपाल के खिलाफ डीजल चोरी की प्राथमिकी दर्ज की है।
कई साल से गोदाम चलने की बात
पुलिस की कार्रवाई के बाद यह भी जानकारी सामने आई है कि हाईवे किनारे स्थित यह गोदाम कथित तौर पर कई वर्षों से संचालित हो रहा था। अब पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि गोदाम में चोरी का डीजल किस तरह पहुंचता था और उसे आगे किन लोगों को बेचा जाता था।
पुलिस मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान डीजल चोरी और अवैध खरीद-फरोख्त से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
आपूर्ति विभाग ने भी शुरू की जांच
मंसूरपुर पुलिस ने मामले की जानकारी आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को दी, जिसके बाद विभागीय टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। अब पुलिस और विभागीय जांच के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि गोदाम में डीजल की खरीद-फरोख्त किस स्तर तक चल रही थी।
पुलिस का कहना है कि मामले में बरामद टैंकर और डीजल को जांच का हिस्सा बनाया गया है। आरोपियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

