मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान लाखों शिवभक्तों को बेहतर एवं त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मुज़फ़्फ़रनगर स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। कांवड़ मार्ग पर बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को हाई अलर्ट मोड पर रखा है। जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और कांवड़ मार्ग पर स्थापित स्वास्थ्य शिविरों में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल उपचार मिल सके।
गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने निरीक्षण के दौरान डॉ. सुनील तेवतिया ने बताया कि कांवड़ियों के उपचार के लिए जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और विभिन्न सीएचसी में कुल 100 बेड आरक्षित किए गए हैं। इनमें जिला अस्पताल में विशेष रूप से 20 बेड का अलग कांवड़ वार्ड बनाया गया है, जहां कूलर, बेहतर वेंटिलेशन, आवश्यक चिकित्सा उपकरणों और चिकित्सकों की विशेष टीम की व्यवस्था की गई है। इस वार्ड का उद्देश्य जरूरत पड़ने पर शिवभक्तों को बिना किसी देरी के गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि पूरे कांवड़ मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 108 एंबुलेंस सेवा की 35 गाड़ियां, 102 एंबुलेंस सेवा की 24 गाड़ियां तथा 5 एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एंबुलेंस तैनात की गई हैं। इसके अलावा इस वर्ष 14 मोटर बाइक एंबुलेंस भी संचालित की जा रही हैं, जबकि पिछले वर्ष इनकी संख्या 12 थी। बाइक एंबुलेंस का उपयोग विशेष रूप से उन स्थानों पर किया जाएगा, जहां भारी भीड़ के कारण बड़ी एंबुलेंस का पहुंचना कठिन होता है। इससे मरीजों तक प्राथमिक उपचार और जरूरत पड़ने पर अस्पताल तक पहुंचाने में तेजी आएगी।
सीएमओ ने बताया कि कांवड़ मार्ग पर कुल 45 हेल्थ कैंप स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक हेल्थ कैंप में 55 प्रकार की आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इन शिविरों में चिकित्सकों, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स और पैरामेडिकल कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से संचालित हो सकें।
उन्होंने बताया कि भूराहेड़ी चेक पोस्ट पर हर वर्ष बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री पहुंचते हैं। इसे देखते हुए वहां एक विशेष हेल्थ कैंप स्थापित किया गया है तथा दो बेड आरक्षित किए गए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
डॉ. सुनील तेवतिया ने सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित यूनिफॉर्म में पूरी निष्ठा, समर्पण और विनम्र व्यवहार के साथ अपनी सेवाएं दें। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल प्रशासनिक ड्यूटी नहीं, बल्कि सेवा का भी महत्वपूर्ण अवसर है। सभी कर्मचारी श्रद्धालुओं के साथ सहयोगात्मक व्यवहार करें और ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करें, जिससे मुज़फ़्फ़रनगर की स्वास्थ्य सेवाओं की सकारात्मक छवि पूरे प्रदेश में स्थापित हो।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी स्वास्थ्य इकाइयों को अलर्ट पर रखा गया है। चिकित्सा संसाधनों की लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त व्यवस्थाएं भी तत्काल उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि लाखों शिवभक्तों की यात्रा सुरक्षित, सुगम और स्वास्थ्य की दृष्टि से निर्बाध बनी रहे।


