Home » उत्तर प्रदेश » मुजफ्फरनगर पोस्ट » विदेशी ऑर्डर का लालच, फर्जी सर्टिफिकेट और लाखों की ठगी: ‘विजन ट्रेड इंडिया’ गैंग के 3 आरोपी गिरफ्तार, 30 से ज्यादा शिकायतों में करीब ₹1.50 करोड़ की ठगी का खुलासा

विदेशी ऑर्डर का लालच, फर्जी सर्टिफिकेट और लाखों की ठगी: ‘विजन ट्रेड इंडिया’ गैंग के 3 आरोपी गिरफ्तार, 30 से ज्यादा शिकायतों में करीब ₹1.50 करोड़ की ठगी का खुलासा

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मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर में व्यापारियों को देश-विदेश में बड़े व्यापारिक ऑर्डर दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का बुधवार को साइबर क्राइम पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने ‘विजन ट्रेड इंडिया’ के नाम पर व्यापारियों से ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, एक पैन कार्ड, कंपनी से जुड़े दस्तावेज और ICE-UK के फर्जी प्रमाण-पत्र बरामद किए गए हैं।

अपराह्न करीब 4 बजे मीडिया को जानकारी देते हुए SP क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने बताया कि गृह मंत्रालय के ‘प्रतिबिम्ब’ पोर्टल पर मिली साइबर अपराध की शिकायतों की जांच के दौरान ठगी की रकम मुज़फ़्फ़रनगर से एटीएम के जरिए निकाले जाने की जानकारी मिली। इसके बाद साइबर क्राइम पुलिस ने तकनीकी जांच और मोबाइल नंबरों व अन्य डिजिटल सुरागों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।

जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी ‘विजन ट्रेड इंडिया’ नाम की वेबसाइट के जरिए व्यापारियों को अपने जाल में फंसाते थे। कृषि उत्पाद, कपड़े और फैशन, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर और रसायन समेत कई उत्पादों के लिए विदेशी खरीदार और बड़े व्यापारिक ऑर्डर दिलाने का दावा किया जाता था। इसके बदले व्यापारियों से सब्सक्रिप्शन और सदस्यता शुल्क के नाम पर रकम ली जाती थी।

इसके बाद ठगी का दूसरा चरण शुरू होता था। व्यापारियों से GMP, ISO और ICE-UK जैसे सर्टिफिकेशन और वेरिफिकेशन के नाम पर अतिरिक्त पैसे जमा कराए जाते थे। पुलिस जांच में इन प्रमाण-पत्रों के फर्जी होने की बात सामने आई है। रकम लेने के बाद व्यापारियों को न तो वास्तविक खरीदार उपलब्ध कराया जाता था और न ही कोई व्यापारिक सौदा कराया जाता था।

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पुलिस के अनुसार, कुछ समय बाद आरोपी व्यापारियों के फोन और व्हाट्सऐप संदेशों का जवाब देना भी बंद कर देते थे। अलग-अलग राज्यों से मिली शिकायतों की जांच में अब तक 30 से अधिक मामले सामने आए हैं, जिनमें करीब 1.50 करोड़ रुपये की ठगी का पता चला है। पुलिस का कहना है कि ठगी की वास्तविक रकम इससे ज्यादा हो सकती है और अन्य बैंक खातों व मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विशाल सैनी, गौरव कुमार और शिवम कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, तीनों के खिलाफ साइबर क्राइम थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, बैंक खातों और देशभर में की गई संभावित ठगी की जानकारी जुटा रही है।

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