नई दिल्ली। पितृ पक्ष की शुरुआत शनिवार से हो गई। सनातन परंपरा में पितृ पक्ष को पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और स्मरण का विशेष अवसर माना जाता है। इस अवधि में लोग अपने दिवंगत पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके आशीर्वाद की कामना करते हुए तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध और दान पुण्य जैसे धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। पितृ पक्ष के आरंभ के अवसर पर देश के विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं ने भी अपने पूर्वजों और समस्त पितृ देवों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पितृ पक्ष के अवसर पर श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि हमारे संस्कारों और त्याग से हमारा मार्गदर्शन करने वाले पूज्य पितृगणों को इस पावन अवसर पर नमन किया जाना चाहिए। उन्होंने पितृ देवों के चरणों में भावपूर्ण श्रद्धा अर्पित करते हुए कामना की कि पूर्वजों का आशीर्वाद समाज और राष्ट्र को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाता रहे।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने भी पितृ पक्ष को पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता, श्रद्धा और स्मरण का पावन पर्व बताया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया संदेश में कहा कि पितृ पक्ष लोगों को अपने पूर्वजों के त्याग, संस्कार और जीवन मूल्यों को याद करने तथा उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर देता है। उन्होंने प्रभु श्रीराम से प्रार्थना की कि सभी लोगों को अपने पितरों का आशीर्वाद प्राप्त हो।
छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री केदार कश्यप ने पितृ पक्ष के प्रारंभ पर समस्त पितृ देवों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों के उच्च संस्कार, नैतिक मूल्य और उनका आशीर्वाद जीवन के वास्तविक मार्गदर्शक हैं। उन्होंने पितृ देवों के चरणों में विनम्र प्रणाम करते हुए कामना की कि पूर्वजों का स्नेह, मार्गदर्शन और कृपा सभी पर सदैव बनी रहे।
बिहार सरकार में मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी पितृ पक्ष के अवसर पर सभी पूज्य पितरों और पूर्वजों को भावपूर्ण नमन एवं श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि पूर्वजों की स्मृतियां हमेशा लोगों के हृदय में जीवित रहती हैं और उनका आशीर्वाद आने वाली पीढ़ियों को मिलता रहे, यही कामना है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि आज व्यक्ति के जीवन, संस्कार और अस्तित्व में उसके पितरों की तपस्या, त्याग और संस्कारों की गहरी छाप होती है। उनके अनुसार पितृ पक्ष केवल पूर्वजों के स्मरण का समय नहीं, बल्कि उन दिवंगत आत्माओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी है, जिनकी विरासत से वर्तमान पीढ़ी का जीवन जुड़ा हुआ है।
भाजपा नेता अर्चना चिटनिस ने भी पितृ पक्ष के प्रारंभ पर धार्मिक मंत्र का उल्लेख करते हुए सभी पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। उन्होंने अपने संदेश में पूर्वजों के चरणों में कृतज्ञ नमन करते हुए उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त की।
पितृ पक्ष के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में लोग अपने परिवार की परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्राद्ध कर्म, तर्पण और पिंडदान करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह अवधि पूर्वजों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर मानी जाती है। इस दौरान लोग अपने पितरों को याद करते हुए उनकी आत्मा की शांति और परिवार पर उनके आशीर्वाद की कामना करते हैं।
नेताओं के संदेशों में भी पितृ पक्ष के इसी भाव को प्रमुखता दी गई। उनके संदेशों में पूर्वजों के त्याग, संस्कार, जीवन मूल्यों और विरासत को याद करते हुए वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को उनसे जुड़े रहने का संदेश दिया गया। पितृ पक्ष की शुरुआत के साथ ही धार्मिक स्थलों और तीर्थ क्षेत्रों में भी श्रद्धालुओं की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं और लोग अपने पूर्वजों के निमित्त धार्मिक अनुष्ठान कर रहे हैं।

