Home » उत्तर प्रदेश » बृजभूषण सिंह की मुश्किलें फिर बढ़ीं? महिला पहलवानों की अपील पर दिल्ली कोर्ट का नोटिस, विनोद तोमर से भी मांगा जवाब

बृजभूषण सिंह की मुश्किलें फिर बढ़ीं? महिला पहलवानों की अपील पर दिल्ली कोर्ट का नोटिस, विनोद तोमर से भी मांगा जवाब

Facebook
Twitter
WhatsApp

नई दिल्ली। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों की ओर से दायर उस याचिका पर भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और पूर्व सचिव विनोद तोमर को नोटिस जारी किया है, जिसमें दोनों को बरी किए जाने के निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी गई है। मामले में चार महिला पहलवानों ने सेशन कोर्ट का रुख किया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 अक्टूबर की तारीख तय की है।

राऊज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज दिग्विजय सिंह ने सोमवार को महिला पहलवानों की याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर से मामले में जवाब मांगा है। महिला पहलवानों ने 3 अगस्त को मजिस्ट्रेट कोर्ट की ओर से दोनों आरोपियों को बरी किए जाने के आदेश को सेशन कोर्ट में चुनौती दी है।

यह मामला वर्ष 2023 में सामने आया था, जब कई महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए थे। शिकायतों के अनुसार कथित घटनाएं वर्ष 2016 से 2022 के बीच राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण शिविरों, भारतीय कुश्ती महासंघ के कार्यालय और अन्य स्थानों पर हुई थीं। मामले में विनोद तोमर को सह आरोपी बनाया गया था।

महिला पहलवानों की शिकायतों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने 15 जून 2023 को उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। आरोपपत्र में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत यौन उत्पीड़न, महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने, पीछा करने और आपराधिक धमकी से संबंधित आरोप शामिल किए गए थे।

ALSO READ THIS :  ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी फर्नीचर मार्केट में भीषण आग, दम घुटने से युवक की मौत, दूसरा गंभीर 

मामले में ट्रायल कोर्ट ने 10 मई 2024 को बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने से संबंधित आरोप तय किए थे। इसके बाद मामले की सुनवाई आगे बढ़ी और 3 अगस्त 2026 को दिल्ली की मजिस्ट्रेट अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह तथा विनोद तोमर को मामले में बरी कर दिया।

मजिस्ट्रेट कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ चार महिला पहलवानों ने सेशन कोर्ट में अपील दायर की। महिला पहलवानों ने अपनी याचिका में बृजभूषण शरण सिंह के साथ साथ सह आरोपी विनोद तोमर को बरी किए जाने के आदेश को भी चुनौती दी है। इससे पहले 25 सितंबर को इस अपील के सेशन कोर्ट में पहुंचने की जानकारी सामने आई थी।

याचिका में महिला पहलवानों की ओर से कहा गया है कि मजिस्ट्रेट कोर्ट का फैसला कानूनी कसौटी पर टिकाऊ नहीं है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों का गलत और चुनिंदा तरीके से आकलन किया। याचिकाकर्ताओं का यह भी कहना है कि फैसले में शिकायतकर्ता के व्यवहार को लेकर पुराने रूढ़िवादी नजरिए को महत्व दिया गया।

महिला पहलवानों की ओर से दायर याचिका में यह भी कहा गया है कि ट्रायल कोर्ट ने गवाहों के बयानों और उनके समर्थन में मौजूद समग्र साक्ष्यों का मूल्यांकन करने के बजाय कथित तौर पर छोटी और गैर जरूरी विसंगतियों पर अधिक ध्यान दिया। याचिका के अनुसार इन्हीं आधारों पर मामले में आरोपों को खारिज कर दिया गया।

अब सेशन कोर्ट की ओर से दोनों आरोपियों को नोटिस जारी किए जाने के बाद मामले की अगली कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी। अदालत यह देखेगी कि मजिस्ट्रेट कोर्ट के 3 अगस्त के बरी किए जाने के आदेश के खिलाफ दायर अपील पर आगे क्या कार्रवाई की जानी है।

ALSO READ THIS :  बुंदेलखंड की धरती से गरजे सीएम योगी: बोले- पहले जिनके हाथों में तमंचे थे, अब वे ब्रह्मोस मिसाइल बनाएंगे; पाकिस्तान भी कांपेगा

यह मामला भारतीय कुश्ती जगत से जुड़े विवादों के बीच लंबे समय से चर्चा में रहा है। वर्ष 2023 में महिला पहलवानों के आरोपों के बाद दिल्ली में विरोध प्रदर्शन भी हुए थे और मामले में पुलिस कार्रवाई के बाद आरोपपत्र दाखिल किया गया था।

फिलहाल सेशन कोर्ट ने मामले में कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है। सोमवार की सुनवाई में बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को नोटिस जारी किया गया है और अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी। उस सुनवाई में दोनों पक्षों की ओर से मामले से जुड़े कानूनी पक्ष और दलीलों पर आगे की कार्यवाही हो सकती है।

[wonderplugin_slider id=1]

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें