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अफवाहों पर लगा विराम: राम मंदिर ट्रस्ट ने जारी किए आधिकारिक आंकड़े, चढ़ावा विवाद के बाद भी टूटा श्रद्धालुओं की संख्या का रिकॉर्ड

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अयोध्या। अयोध्या के भव्य और दिव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर में पिछले दिनों सामने आए चढ़ावा विवाद और उसके बाद श्रद्धालुओं की संख्या में भारी गिरावट आने की सोशल मीडिया पर चल रही तमाम चर्चाओं को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। ट्रस्ट ने केवल मौखिक आश्वासन देने के बजाय इस बार पुलिस कंट्रोल रूम के प्रामाणिक और आधिकारिक आंकड़े सार्वजनिक कर अफवाहबाजों को करारा जवाब दिया है। ट्रस्ट द्वारा जारी किए गए तुलनात्मक आंकड़ों से यह साफ हो गया है कि रामलला के दरबार में भक्तों की आस्था पहले से भी अधिक मजबूत हुई है और कई दिनों में तो श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले काफी ज्यादा दर्ज की गई है।

पुलिस कंट्रोल रूम के आंकड़ों ने खोली पोल, 28 जून को पहुंचे रिकॉर्ड 1 लाख से अधिक भक्त

मंदिर ट्रस्ट द्वारा पारदर्शी व्यवस्था के तहत पुलिस कंट्रोल रूम के इनपुट के आधार पर 21 जून से 3 जुलाई तक के वर्ष 2025 और वर्ष 2026 के आंकड़ों का एक विस्तृत तुलनात्मक चार्ट जारी किया गया है। इन आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि चढ़ावा मामले में हुई कथित अनियमितताओं की खबरों का आम जनता की आस्था पर रत्ती भर भी नकारात्मक असर नहीं पड़ा है।

आंकड़ों के अनुसार:

21 जून: वर्ष 2026 में 94,419 श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किए, जबकि वर्ष 2025 में इसी दिन यह संख्या 81,303 थी।

24 से 27 जून: दर्शनार्थियों का ग्राफ लगातार बढ़ता रहा। 24 जून को 84,124, 25 जून को 85,510, 26 जून को 97,603 और 27 जून को 97,134 श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई।

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28 जून (रिकॉर्ड दिन): इस दिन राम मंदिर में आस्था का सबसे बड़ा सैलाब उमड़ा, जब रिकॉर्ड 1,02,672 श्रद्धालु प्रभु श्री राम के दर्शन के लिए पहुंचे।

30 जून से 3 जुलाई: महीने के अंत और जुलाई की शुरुआत में भी भीड़ का दबाव बना रहा। 30 जून को 96,112, 1 जुलाई को 89,653, 2 जुलाई को 83,863 और 3 जुलाई को 87,652 भक्तों ने शीश नवाया।

कुछ दिनों में मामूली गिरावट, पर अधिकांश दिनों में रहा ‘हाफ सेंचुरी’ पार का ट्रेंड

ट्रस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, पखवाड़े के कुछ गिने-चुने दिनों जैसे 22 जून (75,845), 23 जून (76,104) और 29 जून (84,102) को जरूर श्रद्धालुओं की संख्या वर्ष 2025 की तुलना में आंशिक रूप से कम दर्ज की गई, लेकिन कुल मिलाकर पूरे सप्ताह का औसत देखा जाए तो यह पिछले वर्ष से कहीं अधिक है।

ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों का कहना है कि इन आधिकारिक और वैज्ञानिक रूप से ट्रैक किए गए आंकड़ों से यह पूरी तरह सिद्ध हो जाता है कि सोशल मीडिया, यूट्यूब चैनलों और कुछ अन्य भ्रामक माध्यमों से जो खबरें फैलाई जा रही थीं, वे पूरी तरह काल्पनिक और तथ्यों से परे थीं।

ट्रस्ट की अपील: “सच्चाई आंकड़ों में है, मनगढ़ंत कहानियों पर न दें ध्यान”

“रामलला के प्रति देश और दुनिया के सनातनियों का झुकाव और निष्ठा अटूट है। किसी भी प्रशासनिक या बाहरी विवाद से भक्तों का भगवान के प्रति प्रेम कम नहीं हो सकता। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट सभी श्रद्धालुओं और देशवासियों से विनम्र अपील करता है कि वे मंदिर प्रबंधन या व्यवस्थाओं को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी तरह की मनगढ़ंत अफवाहों पर आंख मूंदकर विश्वास न करें। श्रद्धालुओं को केवल ट्रस्ट द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली आधिकारिक सूचनाओं और प्रेस नोट पर ही भरोसा करना चाहिए।” 

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