मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर के छपार क्षेत्र स्थित रामपुर तिराहा शहीद स्मारक पर शुक्रवार को रामपुर तिराहा कांड की 32वीं बरसी पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कार्यक्रम में करीब 12 बजे पहुंचे और शहीद स्मारक पर आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम को लेकर पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट रहा। धामी ने शहीदों के परिजनों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। आपको बता दें कि रामपुर तिराहा कांड में सात आंदोलनकारी शहीद हुए थे।

श्रद्धांजलि के बाद सभा को संबोधित करते हुए धामी ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान खटीमा, मसूरी और रामपुर तिराहा समेत अलग-अलग स्थानों पर हुए संघर्ष और बलिदान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों के हाथों में हथियार नहीं थे और उनका उद्देश्य अपने पहाड़ के लिए अलग राज्य, अलग पहचान और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य हासिल करना था।
धामी ने रामपुर तिराहा कांड के लिए तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए उस दौर की सरकार पर आंदोलनकारियों के साथ अत्याचार करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उस समय निहत्थे आंदोलनकारियों पर लाठी और गोलियां चलाई गईं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य किसी ने उपहार में नहीं दिया, बल्कि इसके लिए लोगों ने लंबा संघर्ष किया और बलिदान दिए। उत्तराखंड का गठन 9 नवंबर 2000 को हुआ। धामी का यह बयान कार्यक्रम की सभा में उनके राजनीतिक संबोधन का हिस्सा था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान को सम्मान देती है। उन्होंने बताया कि आंदोलनकारियों के हित में सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान विधानसभा से पारित कर लागू किया गया है।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल समेत उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इस दौरान कपिल देव अग्रवाल ने मंच से गंगा एक्सप्रेसवे को मुज़फ़्फ़रनगर होते हुए हरिद्वार तक ले जाने और आरआरटीएस ट्रेन सेवा को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तार देने की मांग उठाई।
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल के गांधी नगर स्थित आवास पहुंचे। यहां उनका स्वागत किया गया और उन्होंने दोपहर का भोजन भी किया।
