नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। शुभ कार्य, यात्रा, निवेश, पूजा-पाठ या किसी नए काम की शुरुआत से पहले पंचांग देखकर शुभ-अशुभ समय का विचार किया जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना की ऐसी पद्धति है, जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति पर आधारित होती है।
6 अक्टूबर 2026, मंगलवार को आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि रात 12:34 बजे तक रहेगी। इसके बाद द्वादशी तिथि शुरू हो जाएगी। मंगलवार को सूर्योदय सुबह 6:24 बजे और सूर्यास्त शाम 6:06 बजे होगा। चंद्रोदय रात 1:58 बजे तथा चंद्रास्त दोपहर 3:25 बजे होगा।
सूर्य हस्त नक्षत्र में रहेंगे
पंचांग के अनुसार, मंगलवार को सूर्य हस्त नक्षत्र में स्थित रहेंगे। वैदिक ज्योतिष में हस्त को 27 नक्षत्रों में 13वां नक्षत्र माना गया है। इसका अर्थ ‘हाथ’ होता है और इसके स्वामी चंद्रमा माने जाते हैं। हस्त नक्षत्र कन्या राशि से संबंधित है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, सूर्य के हस्त नक्षत्र में रहने का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ सकता है।
सुबह 7:19 बजे तक रहेगा सिद्ध योग
मंगलवार को सुबह 7:19 बजे तक सिद्ध योग रहेगा। वैदिक पंचांग के 27 नित्य योगों में सिद्ध योग को शुभ योग माना गया है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस योग में किए जाने वाले कार्यों में सफलता और सकारात्मक परिणाम की संभावना मानी जाती है। गुरु-शिष्य संबंध और निस्वार्थ सेवा को भी इस योग में विशेष महत्व दिया जाता है।
सुबह 11:51 से दोपहर 12:38 बजे तक अभिजीत मुहूर्त
इस दिन का अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:38 बजे तक रहेगा। इसे दिन के प्रमुख शुभ मुहूर्तों में माना जाता है। इसकी अवधि करीब 48 मिनट होती है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस समय किए गए शुभ कार्यों में सफलता की संभावना रहती है और अशुभ प्रभावों को कम करने वाला माना जाता है।
रात 8:44 से 10:16 बजे तक अमृतकाल
मंगलवार को रात 8:44 बजे से 10:16 बजे तक अमृतकाल रहेगा। पंचांग और ज्योतिषीय मान्यताओं में अमृतकाल को शुभ एवं सकारात्मक समय माना जाता है। इस दौरान नए व्यापार, निवेश, पूजा-पाठ अथवा महत्वपूर्ण कार्य करने को अनुकूल माना जाता है।
दोपहर 3:10 से 4:38 बजे तक रहेगा राहुकाल
मंगलवार को राहुकाल दोपहर 3:10 बजे से शाम 4:38 बजे तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को नए शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। इस दौरान नए काम की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि पहले से चल रहे कार्यों को जारी रखा जा सकता है।
दोपहर 12:15 से 1:42 बजे तक गुलिक काल
इस दिन गुलिक काल दोपहर 12:15 बजे से 1:42 बजे तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं में गुलिक काल को सामान्यतः नए कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ नहीं माना जाता। हालांकि पहले से चल रहे कार्यों को जारी रखा जा सकता है। कुछ परंपराओं में इस दौरान दान, बैंक में धन जमा करने या निवेश जैसे कार्यों को अलग संदर्भों में किया जाता है।
सुबह 9:19 से 10:47 बजे तक यमगंड काल
मंगलवार को यमगंड काल सुबह 9:19 बजे से 10:47 बजे तक रहेगा। पंचांग परंपरा में इसे नए कार्यों और यात्रा की शुरुआत के लिए अशुभ समय माना जाता है। इस अवधि में नया व्यापार शुरू करने, महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने अथवा यात्रा पर निकलने से बचने की सलाह दी जाती है।
सूर्य कन्या राशि में, चंद्रमा कर्क राशि में
मंगलवार को सूर्य कन्या राशि में स्थित रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार कन्या राशि में सूर्य की स्थिति के दौरान व्यावहारिक और योजनाबद्ध तरीके से काम करना लाभकारी माना जाता है।
वहीं, चंद्रमा रात 10:17 बजे तक कर्क राशि में रहेगा। कर्क राशि के स्वामी स्वयं चंद्रमा हैं, इसलिए अपनी राशि में चंद्रमा की स्थिति को ज्योतिष में विशेष माना जाता है। चंद्रमा को मन और भावनाओं का कारक माना गया है। कर्क राशि जल तत्व से संबंधित होने के कारण इस स्थिति को भावनात्मक संवेदनशीलता और कल्पनाशीलता से जोड़कर देखा जाता है।
उत्तर दिशा में रहेगा दिशाशूल
मंगलवार को दिशाशूल उत्तर दिशा तथा ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में रहेगा। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार जिस दिशा में किसी दिन दिशाशूल होता है, उस दिशा में यात्रा करना शुभ नहीं माना जाता। इसलिए मंगलवार को उत्तर और उत्तर-पूर्व दिशा की यात्रा को टालने की सलाह दी जाती है।

