नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। किसी भी शुभ कार्य, धार्मिक अनुष्ठान, यात्रा, निवेश या नए काम की शुरुआत से पहले तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ मुहूर्त का विचार किया जाता है। पंचांग के माध्यम से दिन के शुभ और अशुभ समय की जानकारी मिलती है। बुधवार, 19 अगस्त 2026 को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि रहेगी। रात 7:19 बजे के बाद अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी।
इस दिन भगवान शिव, भगवान गणेश और बुध ग्रह की पूजा को विशेष फलदायी माना गया है। साथ ही गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती होने के कारण भगवान श्रीराम की आराधना का भी विशेष महत्व रहेगा। राम भक्त इस अवसर पर श्रीराम नाम का जाप, रामचरितमानस का पाठ और तुलसीदास जी की स्मृति में धार्मिक कार्यक्रम कर सकते हैं।
शिव भक्ति और श्रीराम नाम से सजेगा बुधवार
श्रावण मास भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। ऐसे में 19 अगस्त को भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक और मंत्र जाप का विशेष महत्व रहेगा। बुधवार होने के कारण भगवान गणेश और बुध ग्रह की आराधना भी शुभ मानी जाती है।
तुलसीदास जयंती के कारण इस दिन भगवान श्रीराम की भक्ति का भी विशेष अवसर रहेगा। श्रद्धालु भगवान श्रीराम की पूजा के साथ रामचरितमानस का पाठ और राम नाम का स्मरण कर सकते हैं।
रात 7:19 बजे तक सप्तमी तिथि
पंचांग के अनुसार 19 अगस्त को श्रावण शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि रात 7:19 बजे तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तिथि के अनुसार पूजा और धार्मिक कार्यों का अपना विशेष महत्व होता है। इसलिए पूजा या अनुष्ठान करने वाले श्रद्धालु तिथि के समय का ध्यान रख सकते हैं।
स्वाति के बाद शुरू होगा विशाखा नक्षत्र
19 अगस्त को सूर्य मघा नक्षत्र में स्थित रहेगा। वहीं चंद्रमा सुबह 6:47 बजे तक स्वाति नक्षत्र में रहेगा। इसके बाद चंद्रमा विशाखा नक्षत्र में प्रवेश करेगा।
चंद्रमा तुला राशि में स्थित रहेगा, जबकि सूर्य सिंह राशि में रहेगा। ज्योतिषीय गणनाओं में ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति का विशेष महत्व माना जाता है।
ब्रह्म और शुक्ल योग का बनेगा संयोग
बुधवार को हर्षण योग नहीं रहेगा। इस दिन मुख्य रूप से ब्रह्म योग और शुक्ल यानी ऐन्द्र योग का संयोग बनेगा।
ज्योतिषीय मान्यताओं में शुभ योगों को धार्मिक कार्यों, पूजा पाठ और सकारात्मक कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। श्रद्धालु अपनी सुविधा और धार्मिक मान्यता के अनुसार इन योगों में शुभ कार्य कर सकते हैं।
अभिजित मुहूर्त में कर सकते हैं शुभ कार्य
19 अगस्त को अभिजित मुहूर्त सुबह 11:54 बजे से दोपहर 12:47 बजे तक रहेगा। इसे दिन के प्रमुख शुभ मुहूर्तों में से एक माना जाता है।
वहीं अमृत काल सुबह 11:27 बजे से दोपहर 1:13 बजे तक रहेगा। शुभ कार्य करने वाले लोग इन समयों को ध्यान में रख सकते हैं।
राहुकाल में नए काम से बचने की मान्यता
बुधवार को राहुकाल दोपहर 12:30 बजे से 2:06 बजे तक रहेगा। गुलिक काल सुबह 10:55 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा। यमगंड काल सुबह 7:44 बजे से 9:19 बजे तक रहेगा।
पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड के दौरान नए शुभ कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि नियमित पूजा और धार्मिक गतिविधियां अपनी परंपरा के अनुसार की जा सकती हैं।
सूर्य सिंह राशि में, चंद्रमा तुला में
19 अगस्त को सूर्य सिंह राशि में रहेगा, जबकि चंद्रमा तुला राशि में स्थित रहेगा। ज्योतिष में सूर्य और चंद्रमा की राशि स्थिति को दैनिक पंचांग और फलित गणना में महत्वपूर्ण माना जाता है।
इस दिन भगवान शिव, भगवान गणेश और श्रीराम की आराधना के साथ धार्मिक कार्य करने से दिन को आध्यात्मिक रूप से विशेष बनाया जा सकता है।
उत्तर दिशा में रहेगा दिशाशूल
बुधवार को उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा। पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार दिशाशूल वाली दिशा में यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है।
यदि किसी आवश्यक कार्य के चलते उत्तर दिशा की यात्रा करनी पड़े तो मान्यता के अनुसार यात्रा से पहले संबंधित ज्योतिषीय उपाय किए जा सकते हैं।
सूर्योदय से चंद्रास्त तक जानें पूरा पंचांग
19 अगस्त को सूर्य सुबह 6:08 बजे उदय होगा और शाम 6:52 बजे सूर्यास्त होगा। चंद्रमा दोपहर 12:07 बजे उदय होगा और रात 11:06 बजे अस्त होगा।
इस तरह बुधवार का दिन धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहेगा। श्रावण मास, तुलसीदास जयंती और भगवान शिव तथा श्रीराम की आराधना का संयोग इसे श्रद्धालुओं के लिए विशेष बना रहा है।
19 अगस्त का पंचांग एक नजर में
वार बुधवार रहेगा। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि रात 7:19 बजे तक रहेगी और इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू होगी। सूर्य मघा नक्षत्र में और चंद्रमा सुबह 6:47 बजे तक स्वाति नक्षत्र में रहेगा, इसके बाद विशाखा नक्षत्र रहेगा।
अभिजित मुहूर्त सुबह 11:54 बजे से दोपहर 12:47 बजे तक रहेगा। अमृत काल सुबह 11:27 बजे से दोपहर 1:13 बजे तक रहेगा। राहुकाल दोपहर 12:30 बजे से 2:06 बजे तक, गुलिक काल सुबह 10:55 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक और यमगंड सुबह 7:44 बजे से 9:19 बजे तक रहेगा।
सूर्योदय सुबह 6:08 बजे और सूर्यास्त शाम 6:52 बजे होगा। चंद्रोदय दोपहर 12:07 बजे और चंद्रास्त रात 11:06 बजे होगा। सूर्य सिंह राशि और चंद्रमा तुला राशि में रहेंगे। उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव, भगवान गणेश और श्रीराम की श्रद्धापूर्वक आराधना करना शुभ रहेगा।



