मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना क्षेत्र में गौकशी के मामले में फरार चल रहे दूसरे आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मदीनपुर के जंगल में घेराबंदी के दौरान हुई मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लग गई, जिसके बाद पुलिस ने उसे घायल अवस्था में पकड़कर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरियाणा के पानीपत जनपद के सनौली थाना क्षेत्र के गांव पत्थरगढ़ निवासी दिलशाद पुत्र मंजूर के रूप में हुई है। उसके कब्जे से .315 बोर का एक तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद करने का दावा किया गया है।
गौकशी की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम पर हुई थी फायरिंग
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात थाना बुढ़ाना पुलिस को सूचना मिली थी कि बसी रोड से चंदेड़ी रोड की ओर जंगल में दो व्यक्ति गोवंश की गौकशी करने की तैयारी में हैं। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस का दावा है कि वहां मौजूद आरोपियों ने पुलिसकर्मियों पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी।
पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दिलावर पुत्र कदीर निवासी गांव परासौली, थाना बुढ़ाना को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, उसका साथी दिलशाद मौके से फरार हो गया था। इसके बाद से ही पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी।
मदीनपुर के जंगल में छिपे होने की मिली सूचना
पुलिस के मुताबिक, 10 अक्टूबर की देर रात मुखबिर से सूचना मिली कि पिछली मुठभेड़ में फरार हुआ आरोपी मदीनपुर के जंगल में छिपा हुआ है और वहां से निकलने की फिराक में है। सूचना के आधार पर बुढ़ाना पुलिस ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर तलाश शुरू की।
इसी दौरान पुलिस टीम को खड़ंजे पर एक व्यक्ति पैदल आता दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन वह वापस मुड़कर तेजी से चलने लगा। पुलिस टीम ने जब उसके करीब पहुंचने का प्रयास किया तो आरोपी ने कथित तौर पर पुलिस पर फायरिंग कर दी और ईख के खेत में घुस गया।
चेतावनी के बाद भी फायरिंग जारी रखने का आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपी की ओर से की गई फायरिंग में पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। पुलिस टीम ने उसे गोलीबारी बंद कर आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन उसने कथित तौर पर फायरिंग जारी रखी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दिलशाद घायल हो गया।
पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से .315 बोर का एक तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किए जाने की बात कही गई है। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, दिलशाद के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ बुढ़ाना थाने में वर्ष 2024 में भारतीय दंड संहिता की धारा 307 और शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज होने का उल्लेख किया गया है। वर्ष 2025 में उसके खिलाफ गैंगस्टर अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई थी।
इसके अलावा, वर्ष 2026 में उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1) और 317(5), शस्त्र अधिनियम तथा गोवध निवारण अधिनियम से संबंधित धाराओं में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के अन्य आपराधिक मामलों का भी पता लगाया जा रहा है।
थाना प्रभारी के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय के पर्यवेक्षण में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक, क्षेत्राधिकारी बुढ़ाना गजेन्द्र पाल सिंह और थाना प्रभारी बुढ़ाना सुभाष बाबू अत्री के नेतृत्व में की गई।
कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक सुभाष अत्री, उपनिरीक्षक मोहित कुमार तेवतिया, उपनिरीक्षक ललित कसाना, मुख्य आरक्षी हरीश पाल सिंह तथा आरक्षी पवन कुमार और कपिल कुमार शामिल रहे।
पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अपराध और गौकशी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अभियान जारी है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ, बरामदगी और उसके आपराधिक इतिहास के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। मुठभेड़ और बरामदगी के संबंध में पुलिस के दावों की पुष्टि जांच एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत होगी।

