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मुजफ्फरनगर में ग्लोबल हैंडवाशिंग डे पर जागरूकता, बच्चों को बताए हाथ धोने के फायदे

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मुजफ्फरनगर। ग्लोबल हैंडवाशिंग डे (वैश्विक हाथ धुलाई दिवस) पर बृहस्पतिवार को “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम के तहत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया के मार्गनिर्देशन में पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया और केनव्यू (KENVUE) के सहयोग से आंगनबाड़ी केन्द्रों और स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके माध्यम से हाथों की स्वच्छता के बारे में जरूरी टिप्स दिए गए और बताया गया कि हाथों की स्वच्छता की आदत अपनाकर बीमारियों से सुरक्षित रहा जा सकता है।

मेघाखेड़ी ब्लॉक के आंगनबाड़ी केंद्र शेरपुर एवं प्राथमिक विद्यालय शेरपुर में आयोजित कार्यक्रमों में बच्चों को बताया गया कि दिनभर में हमारे हाथ कई अनजान सतहों, वस्तुओं और लोगों के सम्पर्क में आते हैं, ऐसे में इनके दूषित या संक्रमित होने की पूरी सम्भावना रहती है। यही दूषित हाथ अक्सर कीटाणु, बैक्टीरिया व वायरस को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक सीधे सम्पर्क से या सतहों व खाद्य पदार्थों के माध्यम से पहुंचाने का काम करते हैं। इसलिए हाथों को पूरी तरह स्वच्छ व कीटाणुरहित बनाने के लिए हाथों को पहले पानी से गीला करें और साबुन लगाएं, झाग बनाने के लिए हाथों को आपस में रगड़ें, उँगलियों, हथेलियों, हाथों के पिछले हिस्से, कलाई, उँगलियों के बीच और नाखूनों के नीचे अच्छी तरह रगड़ें और ऐसा कम से कम 20 सेकेंड तक करें और फिर हाथों को साफ़ पानी से धुल लें और साफ़ तौलिये या हवा में सुखाएं। ऐसा करने से डायरिया-निमोनिया समेत कई बीमारियों से सुरक्षित रहा जा सकता है और जीवन को बचाया जा सकता है।

इस मौके पर बताया गया कि संक्रामक बीमारियों से लड़ने में साबुन-पानी से अच्छी तरह हाथों को धोना सबसे शक्तिशाली हथियार के रूप में है। इसलिए मरीजों की देखभाल से पहले और बाद में, खांसने-छींकने या बच्चों के मल निस्तारण के बाद, जानवरों की देखभाल और साफ़-सफाई के बाद, खाना खाने और खाना बनाने से पहले और बाहर से घर आने व शौच के बाद हाथों को साबुन-पानी से अच्छी तरह से अवश्य धोना चाहिए। हाथ धोने से संक्रमण की श्रृंखला टूट जाती है और उसका फैलाव रुक जाता है।

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आंगनबाड़ी केंद्र पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सोनिया, नाजिया एवं सहायिका मीना ने सहभागिता की। प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाचार्य रियाजुल हसन, शिक्षिका रचना कटारिया, नीलम रानी ने बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। पीएसआई इंडिया की ओर से भारती रावत एवं शोभित सक्सेना ने कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए उपस्थित करीब 60 बच्चों को हाथों की स्वच्छता के महत्व, साबुन से नियमित हाथ धोने की आदत तथा डायरिया की रोकथाम के प्रति जागरूक किया।

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