Home » उत्तर प्रदेश » मुजफ्फरनगर पोस्ट » कुटबा फायरिंग का आरोपी पुलिस हिरासत से गायब? परिजनों ने थाने पहुंचकर मांगा जवाब, पुलिस ने नकारा आरोपित को हिरासत में लिए जाने के दावा

कुटबा फायरिंग का आरोपी पुलिस हिरासत से गायब? परिजनों ने थाने पहुंचकर मांगा जवाब, पुलिस ने नकारा आरोपित को हिरासत में लिए जाने के दावा

Facebook
Twitter
WhatsApp

मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर के कुटबा फायरिंग कांड में नामजद आरोपी जयकुमार उर्फ कुक्कू की स्थिति को लेकर पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं। आरोपी के परिजनों का दावा है कि पुलिस ने जयकुमार को हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में वह थाने से गायब हो गया। सोमवार सुबह जब परिवार के लोग शाहपुर थाने पहुंचे तो उन्हें कथित तौर पर बताया गया कि जयकुमार रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात थाने से चला गया। इस पर परिजनों ने हंगामा करते हुए पुलिस से जवाब मांगा। दूसरी ओर, सीओ बुढ़ाना गजेंद्र पाल सिंह ने आरोपी को फायरिंग की घटना के बाद से फरार बताया है।

जयकुमार के भाई रामकुमार और कृष्णपाल समेत परिवार के कई लोग सोमवार सुबह शाहपुर थाने पहुंचे थे। उनके साथ परिवार की महिलाएं भी थीं। परिजनों का कहना था कि पुलिस ने जयकुमार को पकड़ा था और वे उससे मिलने आए हैं। लेकिन, थाने पहुंचने पर बताया गया कि वह रात में वहां से चला गया। इसके बाद परिजनों ने सवाल उठाया कि यदि जयकुमार पुलिस की हिरासत में था, तो वह थाने से कैसे चला गया? परिवार के लोगों ने आरोपी के बारे में स्पष्ट जानकारी मांगी। थाने पर काफी देर तक बातचीत और हंगामा होने के बाद वे गांव लौट गए।

इस मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष परिजनों के दावे से अलग है। सीओ बुढ़ाना गजेंद्र पाल सिंह के अनुसार, 21 अक्टूबर की रात गांव कुटबा में फायरिंग की सूचना डायल-112 से मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची और चंचल कुमार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। सीओ ने जयकुमार को घटना के बाद से फरार बताया। हालांकि, इस बयान में परिजनों के हिरासत में लिए जाने के दावे और कथित तौर पर थाने से चले जाने की बात पर विस्तृत स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि आरोपी को औपचारिक रूप से हिरासत में लिया गया था या नहीं।

ALSO READ THIS :  मुजफ्फरनगर में चक्रधर संस्था की पहल, 10 टीबी मरीजों को लिया गोद; पोषण पोटली भी बांटी

फायरिंग की घटना 21 अक्टूबर की रात हुई थी। शिकायतकर्ता चंचल कुमार ने आरोप लगाया था कि वह अपने छोटे भाई आयुष के साथ लाइब्रेरी से पढ़कर घर लौट रहा था। रात करीब नौ बजे लाइब्रेरी के गेट पर जयकुमार उर्फ कुक्कू ने कथित तौर पर दोनों भाइयों पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। चंचल की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।

अब मामले में सवाल केवल फायरिंग के आरोपी की गिरफ्तारी का नहीं, बल्कि उसकी हिरासत को लेकर सामने आए विरोधाभास का भी है। यदि जयकुमार को पुलिस ने पकड़ा था, तो उसके थाने से जाने की परिस्थितियों पर जवाब जरूरी है। वहीं, यदि उसे हिरासत में नहीं लिया गया था, तो परिजनों के दावे पर पुलिस को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

[wonderplugin_slider id=1]

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें