नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में बारिश और तेज हवाओं ने प्रदूषण से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत दी है। पिछले कई दिनों से खराब हवा के कारण परेशान दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के लोगों को अब साफ हवा में सांस लेने का मौका मिला है। बारिश और तेज हवाओं के चलते वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषण के कण काफी हद तक साफ हो गए हैं। इसका असर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) पर भी दिखाई दे रहा है। दिल्ली समेत एनसीआर के प्रमुख शहरों में वायु गुणवत्ता फिलहाल ग्रीन जोन में पहुंच गई है।
बारिश के साथ तापमान में भी आई गिरावट
मौसम में आए बदलाव का असर तापमान पर भी साफ नजर आ रहा है। बारिश और तेज हवाओं के कारण दिन और रात दोनों समय ठंड का एहसास होने लगा है। शुक्रवार रात और शनिवार सुबह मौसम में ठंडक बनी रही। लोगों को दिन के समय भी गर्मी से राहत मिली। अधिकतम तापमान गिरकर 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम में अचानक आए इस बदलाव ने सर्दी की दस्तक का अहसास करा दिया है। सुबह और रात के समय ठंडक बढ़ने से लोगों ने गर्म कपड़ों का इस्तेमाल भी शुरू कर दिया है।
आने वाले दिनों में बढ़ेगा तापमान, आसमान रहेगा साफ
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के स्थानीय पूर्वानुमान के मुताबिक, 31 अक्टूबर को दिल्ली में अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दौरान आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। मौसम विभाग ने इस दिन किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की है।
एक नवंबर से तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस दिन अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। वहीं, दो नवंबर को अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। इस दिन आसमान मुख्य रूप से साफ रह सकता है।
तीन, चार और पांच नवंबर को भी मौसम लगभग इसी तरह बना रहने का पूर्वानुमान है। इन तीनों दिनों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। आसमान मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है।
प्रदूषण कम होने से बच्चों और बुजुर्गों को राहत
बारिश और तेज हवाओं का सबसे सकारात्मक असर वायु गुणवत्ता पर देखने को मिला है। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में प्रदूषण का स्तर कम होने से AQI ग्रीन जोन में पहुंच गया है। इससे उन लोगों को खास राहत मिली है, जिन्हें खराब हवा के कारण सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।
विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को प्रदूषण के कारण काफी दिक्कतें हो रही थीं। बारिश के बाद वातावरण साफ होने से इन लोगों को राहत मिली है। हालांकि, आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर किस तरह बना रहता है, यह मौसम की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

