मुजफ्फरनगर। लठ पूजन कर अत्याचार और उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष का संकल्प लिया गया। मुज़फ़्फ़रनगर में भारतीय अति पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा की ओर से चौथा लठ पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। संगठन के कार्यालय पर हुए कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन प्रजापति ने विधि-विधान से लठ पूजन किया।
इसके बाद उन्होंने मौजूद पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को समाज के लोगों पर होने वाले अत्याचार और उत्पीड़न के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम के माध्यम से संगठन ने दबंगों और अत्याचारियों के खिलाफ सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया।
लठ पूजन कार्यक्रम में मोहन प्रजापति ने कहा कि प्रदेश के गांवों और देहात क्षेत्रों में अति पिछड़े एवं दलित समाज के लोगों पर लगातार अत्याचार और उत्पीड़न की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रजापति, कश्यप, विश्वकर्मा, नाई, धोबी, जोगी, बंजारे सहित अन्य वंचित समाज के लोग इन घटनाओं से प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में समाज के लोगों को अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए एकजुट होकर आवाज उठानी होगी।
मोहन प्रजापति ने आरोप लगाया कि पिछले एक वर्ष के दौरान समाज के सैकड़ों लोगों की हत्याएं और शोषण की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि अनेक मामलों में पीड़ित परिवारों को अभी तक पूर्ण न्याय नहीं मिल पाया है। संगठन का कहना है कि अत्याचार और उत्पीड़न की घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाना तथा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करना उसकी प्राथमिकता है।
कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने समाज के लोगों पर होने वाले अत्याचार के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया। लठ पूजन के जरिए संगठन ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि वंचित और अति पिछड़े समाज के लोगों के अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक रूप से आवाज उठाई जाएगी।
भारतीय अति पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा ने कार्यक्रम के माध्यम से पीड़ितों को न्याय दिलाने और घटनाओं में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। संगठन ने समाज के लोगों से भी अपील की कि वे उत्पीड़न की घटनाओं के खिलाफ एकजुट रहें और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए सामूहिक प्रयास करें।

