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गंगा बैराज पुल पर यातायात पूर्णतः बंद, मरम्मत कार्य में तेजी, जल्द सुचारू होने की उम्मीद

Ganga Barrage Bridge Closure in Muzaffarnagar
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मुजफ्फरनगर जिले के मीरापुर क्षेत्र में स्थित गंगा बैराज पुल, जो मेरठ-पौड़ी राजमार्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इन दिनों मरम्मत कार्य के कारण यातायात के लिए पूरी तरह बंद है।

 

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की टीम ने पुल की बैरिंग में खराबी पाए जाने के बाद तत्काल कार्रवाई शुरू की। 7 अगस्त से शुरू हुई इस समस्या के कारण भारी वाहनों का आवागमन पहले ही रोक दिया गया था, लेकिन अब दुपहिया वाहनों को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।

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Ganga Barrage Bridge Closure in Muzaffarnagar

 

केवल पैदल यात्री ही पुल पार कर सकते हैं। यह पुल गंगा नदी पर बना है और उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर तथा बिजनौर जिलों को जोड़ता है, जिससे हजारों यात्रियों की दैनिक आवाजाही प्रभावित हो रही है।

 

पुल में खराबी

एनएचएआई के विशेषज्ञों की टीम ने पुल की जांच के लिए ब्रिज इंस्पेक्शन यूनिट (एमबीआईयू) को बुलाया। आधुनिक मशीनों से पुल की वजन सहन करने की क्षमता की जांच की गई। जांच में पाया गया कि पुल के गेट नंबर 20, 21 और 28 में बैरिंग टूटे हुए हैं।

गार्डर और पिलर कैप के बीच बैरिंग का पेडस्टल क्षतिग्रस्त मिला, साथ ही कई जगहों पर ऑयलिंग और ग्रीस की कमी से जंग लग गया था। रामराज क्षेत्र में स्थित इस पुल की स्लैब और बैरिंग की हालत देखकर एनएचएआई ने तुरंत रिपेयरिंग शुरू की।

 

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क्या कहते हैं जिम्मेदार?

सहायक अभियंता आशीष शर्मा ने बताया कि ‘कार्य पिछले तीन दिनों से चल रहा है और अभी चार दिन और लग सकते हैं। इस दौरान जैक लगाकर बैरिंग बदलने का काम किया जा रहा है।’

 

Ganga Barrage Bridge Closure in Muzaffarnagar

 

मरम्मत कार्य की प्रगति

एनएचएआई की टीम ने बुधवार से ही पुल पर यातायात पूरी तरह बंद कर मरम्मत शुरू कर दी है। गेट नंबर 20 की बैरिंग सफलतापूर्वक बदली जा चुकी है, जिससे कार्य में प्रगति दिख रही है।

 

मंत्री का स्थलीय निरीक्षण

उत्तर प्रदेश के मंत्री कपिल देव ने हाल ही में स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों को जल्द से जल्द कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। वैकल्पिक रूटों के माध्यम से यातायात डायवर्ट किया गया है, लेकिन पुल बंद होने से मेरठ, दिल्ली और बिजनौर जाने वाली बस सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हैं।

 

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लंबे रास्तों से यात्रा मजबूरी

 

यात्रियों की संख्या में कमी आई है और कई लोग लंबे रास्तों से यात्रा करने को मजबूर हैं। एनएचएआई का कहना है कि मरम्मत पूरा होने के बाद पुल का सर्वे किया जाएगा, उसके बाद ही चौपहिया और भारी वाहनों को अनुमति दी जाएगी।

 

Ganga Barrage Bridge Closure in Muzaffarnagar

 

यात्रियों पर प्रभाव और वैकल्पिक व्यवस्था

पुल बंद होने से मुजफ्फरनगर, बिजनौर और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। दैनिक यात्री, व्यापारी और किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। बिजनौर से मेरठ और दिल्ली जाने वाली बसों में यात्रियों की कमी देखी जा रही है।

प्रशासन ने वैकल्पिक रूट सुझाए हैं, जैसे कि अन्य पुलों या राजमार्गों से होकर जाना। हालांकि, ये रूट लंबे हैं, जिससे समय और ईंधन की बर्बादी हो रही है। पैदल यात्रियों के लिए पुल खुला है, लेकिन वाहनों की अनुपस्थिति से सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बढ़ी हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुल की मरम्मत में देरी से आर्थिक नुकसान हो रहा है। एनएचएआई ने आश्वासन दिया है कि कार्य जल्द पूरा होगा और यातायात सुचारू कर दिया जाएगा।

 

 

भारी वाहनों के चक्के जाम, कारोबार ठप

 

इस दौरान मुजफ्फरनगर के कारोबार पर भी भारी प्रभाव पड़ा है। गंगा बैराज ब्रिज बंद होने की वजह से भारी वाहनों की आवाजाही पूर्णतः बंद है, जिस कारण पानीपत-खटीमा मार्ग से होकर गुजरने वाले मालवाहक ट्रक समेत अन्य भारी वाहन मुजफ्फरनगर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।

 

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ब्रिज बंद होने की वजह से मुरादाबाद आदि रूट से आने वाले कुछ लोडेड वाहन अभी भी बिजनौर के रास्ते पर खड़े हुए हैं। कुछ वापस जा चुके हैं तो कुछ लंबा रास्ता तय करके पहुंच तो गए हैं, लेकिन गंगा बैराज ब्रिज खुलने तक अब वाहन मालिकों ने लंबा रूट होने के कारण माल लोड करना ही बंद कर दिया है, जिस कारण व्यापारियों के साथ-साथ इस रूट के होटल-ढाबा संचालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

अमित सैनी
Author: अमित सैनी

अमित सैनी एक वरिष्ठ पत्रकार है, जिन्हें नेशनल और इंटरनेशनल मीडिया में काम करने का करीब 20 साल का अनुभव है। श्री सैनी 'द एक्स इंडिया' के प्रधान संपादक भी हैं।

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