पूजा पाल की चिट्ठी पर यूपी में सियासी भूचाल, शिवपाल यादव का तीखा पलटवार
- अमित सैनी, मुजफ्फरनगर से ‘द एक्स इंडिया’ के लिए
मुजफ्फरनगर। एक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी (SP) के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने पूजा पाल की चिट्ठी पर कड़ा जवाब दिया। उन्होंने साफ कहा, “हम हत्या की राजनीति नहीं करते। पूजा पाल इतने समय तक चुपचाप घर बैठी थीं, अब अचानक उन्हें हत्या का डर सताने लगा है। हत्या की राजनीति कुछ लोग करते हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी नहीं।”
‘पूजा कभी नहीं बन पाएंगी विधायक’
शिवपाल ने तंज कसते हुए यह भी कहा कि ‘पूजा पाल अब कभी विधायक नहीं बन पाएंगी’। उनकी तुलना बीजेपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से करते हुए उन्होंने कहा कि ‘जैसे केशव मौर्य चुनाव हार गए, वही हाल पूजा पाल का होगा।’ इस बयान ने यूपी की सियासत में एक नए तूफान को जन्म दे दिया।
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पूजा पाल की चिट्ठी ने मचाया बवाल
दरअसल, उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस समय हड़कंप मच गया, जब सपा से निष्कासित विधायक पूजा पाल ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को एक चिट्ठी लिखी। इस चिट्ठी में पूजा पाल ने अपनी हत्या की आशंका जताते हुए कहा कि अगर उनकी मौत होती है, तो इसके लिए समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव जिम्मेदार होंगे।
“अन्याय और विश्वासघात के खिलाफ मेरी आवाज़!
पार्टी से निष्कासन केवल मेरा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की पिछड़ी, दलित और गरीब जनता की आवाज़ को दबाने का प्रयास है।
मैंने संघर्ष किया है और आगे भी न्याय की लड़ाई लड़ती रहूँगी।” #न्यायकीलड़ाई #PujaPal #SamajwadiParty pic.twitter.com/sPQ4PxAKob— पूजा पाल (@poojaplofficial) August 22, 2025
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कौशांबी की चायल विधानसभा सीट से विधायक पूजा पाल ने अपनी चिट्ठी में यह भी उल्लेख किया कि उनके पति राजू पाल की हत्या के दोषियों को सजा मिल चुकी है, लेकिन सपा ने उन्हें अपमानित किया और पार्टी के अपराधी समर्थकों का मनोबल बढ़ाया। इस चिट्ठी ने सपा और पूजा पाल के बीच तनाव को और बढ़ा दिया।
बीजेपी और संगीत सोम पर निशाना
शिवपाल यादव ने बीजेपी नेता संगीत सोम के पश्चिमी यूपी को पाकिस्तान कहने वाले बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा, “संगीत सोम का कोई ठिकाना नहीं है। वह अपने स्वार्थ के लिए कहीं भी चले जाते हैं। उनका चरित्र सभी जानते हैं।”
यह बयान बीजेपी और सपा के बीच चल रही सियासी तनातनी को और हवा देता है। शिवपाल ने साफ किया कि सपा का फोकस जनहित और विकास पर है, न कि ऐसी बयानबाजी पर।
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2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर शिवपाल यादव ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इंडिया गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। मुख्यमंत्री के चेहरे पर सवाल उठने पर उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर सपा सत्ता में आती है, तो विधायक ही नेता चुनेंगे, लेकिन उनकी इच्छा है कि अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाया जाए।
यूपी की सियासत में और तनाव की संभावना
पूजा पाल की चिट्ठी और शिवपाल यादव के बयान ने यूपी की राजनीति में तनाव को और बढ़ा दिया है। पूजा पाल के निष्कासन का कारण उनकी ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ और सपा की नीतियों के खिलाफ बयानबाजी को माना जा रहा है।
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आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और सियासी बयानबाजी होने की संभावना है, जो 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा और बीजेपी के बीच तनाव को और बढ़ा सकती है।

Author: अमित सैनी
अमित सैनी एक वरिष्ठ पत्रकार है, जिन्हें नेशनल और इंटरनेशनल मीडिया में काम करने का करीब 20 साल का अनुभव है। श्री सैनी 'द एक्स इंडिया' के प्रधान संपादक भी हैं।