सोनू कश्यप की जिंदा जलाकर हत्या का दर्द भड़का, MP चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने बीच रास्ते रोका, परिवार ने कहा, “अकेला नाबालिग नहीं, बड़े लोग शामिल हैं, सबको फांसी चाहिए”
मुजफ्फरनगर में सोनू कश्यप हत्याकांड का आक्रोश चरम पर है। आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें भोपा पुल स्थित नवीन पेट्रोल पंप के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर रोक लिया। इस दौरान समर्थकों में भारी नाराजगी देखने को मिली और मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

क्यों रोका गया काफिला?
पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर काफिले को रोका। सीओ सिटी सिद्धार्थ मिश्रा, सीओ नई मंडी राजू कुमार साव, सीओ जानसठ रुपाली राव और थाना सिविल लाइन प्रभारी आशुतोष कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
काफी देर तक चली बातचीत के बाद सहमति बनी कि वार्ता पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में कराई जाएगी। इसके बाद सांसद अपने काफिले के साथ मेरठ रोड स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंचे, जहां पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के साथ वार्ता का दौर जारी है।
सोनू कश्यप हत्याकांड का दर्दनाक सच
सोनू कश्यप उर्फ रोनू की मेरठ के ज्वाला गढ़ गांव में कथित तौर पर जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की बहन आरती कश्यप ने बताया कि “सोनू घर से लगभग 80 हजार रुपये लेकर मेरठ मौसी के यहां जाने की बात कहकर निकला था। वह बाइक खरीदना चाहता था, लेकिन इसके बाद कभी घर नहीं लौटा।”

- आरती का कहना है कि
“पुलिस जिस तरह एक नाबालिग को ही इस पूरे हत्याकांड का आरोपी बता रही है, वह पूरी तरह गलत है।”
उनका आरोप है कि “अकेला नाबालिग इस तरह लूटपाट कर किसी को जिंदा जलाकर अपने घर जाकर सो जाए, यह संभव नहीं है। इस मामले में और भी कई लोग शामिल हैं जो खुले घूम रहे हैं।”
परिवार का एकमात्र सहारा था सोनू!
सोनू गाजियाबाद के मुरादनगर में तंदूर की भट्टी पर काम करता था और वही पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभालता था। घर में बीमार मां, एक भाई और एक बहन हैं। पिता का पहले ही निधन हो चुका है। सोनू ही परिवार का एकमात्र सहारा था।
सामाजिक न्याय पार्टी की मांग
सामाजिक न्याय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र कश्यप ने भी पीड़ित परिवार के समर्थन में सामने आते हुए 50 लाख रुपये मुआवजा, सरकारी नौकरी और हत्यारों को फांसी देने की मांग की है।
परिजनों की मांग
पीड़ित परिवार और समर्थकों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और सोनू कश्यप के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। फिलहाल प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है और सभी की निगाहें अब पुलिस की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।




