मुजफ़्फ़रनगर: शुक्रवार रात भोपा रोड, जौली रोड और जानसठ रोड स्थित कई पेपर मिलों के ऊपर अज्ञात ड्रोन मंडराते देखे गए। ड्रोन की इस संदिग्ध गतिविधि ने औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। मिल मालिकों ने इसे औद्योगिक जासूसी की साजिश बताया है, जबकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मुजफ्फरनगर में शुक्रवार रात औद्योगिक सुरक्षा को लेकर उस समय सनसनी फैल गई, जब भोपा रोड, जौली रोड और जानसठ रोड स्थित कई पेपर मिलों के ऊपर एक ही समय में अज्ञात ड्रोन मंडराते देखे गए। रात के अंधेरे में अत्याधुनिक ड्रोन की गतिविधियों ने पेपर मिल मालिकों, सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। मामला इसलिए और गंभीर माना जा रहा है क्योंकि मुजफ्फरनगर समेत कई जिलों में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाना प्रतिबंधित है।

मोबाइल में रिकॉर्ड वीडियो
पेपर मिल एसोसिएशन के मुताबिक, बिंदलास डुप्लेक्स, बिंदल पेपर मिल, अग्रवाल डुप्लेक्स और कृष्णांचल पेपर मिल समेत कई प्रतिष्ठानों के ऊपर ये ड्रोन संदिग्ध तरीके से उड़ते देखे गए। पेपर मिलों के सुरक्षा कर्मियों ने ड्रोन की गतिविधियां अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लीं। इतना ही नहीं, ड्रोन उड़ाने वालों को पकड़ने के लिए सिक्योरिटी गार्ड्स ने काफी दूर तक पीछा भी किया। बताया गया कि दो बाइकों और एक बुलेरो में सवार संदिग्ध मौके के आसपास देखे गए, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

सुरक्षा में सेंध और साजिश की आशंका
इस घटना ने औद्योगिक जासूसी, सुरक्षा सेंध और किसी बड़ी साजिश की आशंकाओं को जन्म दे दिया है। उत्तर प्रदेश पेपर मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने इस पूरे घटनाक्रम को बेहद गंभीर बताते हुए स्थानीय, राष्ट्रीय और यहां तक कि अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंता भी जताई है। उनका कहना है कि किसी भी विभाग ने आधिकारिक ड्रोन ऑपरेशन से इनकार किया है, ऐसे में सवाल और गंभीर हो जाता है कि आखिर ये ड्रोन कौन उड़ा रहा था और किस मकसद से?
पुलिस पहुंची, लेकिन हाथ खाली
कृष्णांचल पेपर मिल के मालिक मनीष भाटिया ने बताया कि ड्रोन दिखते ही पुलिस को सूचना दी गई और सुरक्षा कर्मियों ने संदिग्धों को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन कोई हाथ नहीं आया। सूचना पर स्थानीय पुलिस रात में मौके पर पहुंची, लेकिन तत्काल कोई सुराग नहीं मिल सका। सीओ नई मंडी राजू कुमार साव ने पुष्टि की है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और ड्रोन ऑपरेशन के पीछे की मंशा खंगाली जा रही है।

सुरक्षा को लेकर सवाल
औद्योगिक इकाइयों के ऊपर बिना अनुमति ड्रोन की मौजूदगी ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। क्योंकि यदि यह सिर्फ ड्रोन उड़ाने की शरारत नहीं, बल्कि किसी संवेदनशील औद्योगिक गतिविधि की रेकी है, तो मामला बेहद गंभीर हो सकता है। फिलहाल ड्रोन की VIDEO अब इस रहस्यमयी घटनाक्रम का सबसे बड़ा सबूत मानी जा रही है।



