नई दिल्ली। देश की राजधानी के दक्षिणी दिल्ली इलाके से एक बड़ी दुर्घटना की खबर सामने आई है। चंदन होला इलाके में रविवार तड़के उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां स्थित प्रदर्शनी (एक्जीबिशन) सामग्री से भरे दो बड़े टिन शेड गोदामों में अचानक भीषण आग लग गई। रात के सन्नाटे में उठीं आग की गगनचुंबी लपटों ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते करीब दो एकड़ के विशालकाय क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग ने बेहद मुस्तैदी दिखाते हुए बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया और करीब साढ़े चार घंटे की भारी मशक्कत के बाद इस भयंकर आग पर पूरी तरह काबू पाया। गनीमत यह रही कि इस दर्दनाक हादसे में किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई खबर नहीं है।
तड़के लगी आग, दमकल विभाग ने घोषित किया ‘मेक-6’ संकट
दमकल विभाग से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, रविवार तड़के करीब 2 बजकर 11 मिनट पर चंदन होला स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के समीप एक परिसर में आग लगने की आपातकालीन सूचना मिली थी। घटना की गंभीरता को भांपते हुए शुरुआती तौर पर दो वाटर टेंडर और दो वाटर बाउजर तुरंत मौके पर रवाना किए गए। लेकिन गोदाम के भीतर मौजूद सामग्री की वजह से आग इतनी तेजी से फैली कि संसाधनों को लगातार बढ़ाना पड़ा। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दमकल विभाग ने पहले इसे ‘मेक-4’ और स्थिति हाथ से निकलते देख बाद में ‘मेक-6’ घोषित कर दिया, जो कि बेहद गंभीर श्रेणी की आग मानी जाती है।
टिन शेड ढहने से बढ़ा संकट, 20 गाड़ियों ने संभाला मोर्चा
हालात बेकाबू होते देख दमकल विभाग की कुल 20 गाड़ियों को एक के बाद एक मोर्चे पर तैनात किया गया। संकट की इस घड़ी में विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और अपनी देखरेख में राहत एवं बचाव अभियान को आगे बढ़ाया। अधिकारियों के मुताबिक, जिन दो टिन शेड गोदामों में आग लगी थी, उनमें प्रदर्शनियों में इस्तेमाल होने वाला भारी मात्रा में टेंट और सजावटी सामान भरा हुआ था। आग की भीषण गर्मी और अत्यधिक तीव्रता के कारण मजबूत टिन शेड की छतें और दीवारें भरभराकर ढह गईं, जिसके चलते मलबे के नीचे सुलग रही आग को बुझाने में दमकल कर्मियों को बेहद कड़े अवरोधों और कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
लाखों का सामान खाक, कारणों की तलाश में जुटीं एजेंसियां
दमकल कर्मियों के अथक प्रयास के बाद सुबह करीब 5 बजकर 40 मिनट पर आग की मुख्य लपटों पर पूरी तरह से नियंत्रण पा लिया गया। इसके बाद करीब 6 बजकर 30 बजे दमकल विभाग ने आग बुझाने का अपना मुख्य अभियान समाप्त घोषित कर दिया, जिसके बाद मौके पर सिर्फ सुलगते मलबे को ठंडा करने के लिए कूलिंग का कार्य जारी रखा गया। प्रारंभिक जांच में अब तक आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। हालांकि, इस विनाशकारी अग्नि कांड में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, लेकिन गोदामों के भीतर सुरक्षित रखा गया लाखों रुपये मूल्य का कीमती सामान जलकर पूरी तरह स्वाहा हो गया है। स्थानीय पुलिस और संबंधित तकनीकी एजेंसियां शॉर्ट सर्किट समेत अन्य सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की विस्तृत जांच कर रही हैं।



