नई दिल्ली/बहादुरगढ़ (हरियाणा)। दिल्ली और हरियाणा पुलिस को आज तड़के एक बड़े संयुक्त ऑपरेशन में बड़ी सफलता हाथ लगी है। बहादुरगढ़ इलाके में सुबह-सुबह हुई एक भीषण और आमने-सामने की मुठभेड़ में कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई-हरिराम उर्फ हैरी बॉक्सर-अनिल पंडित गिरोह के दो इनामी शूटरों को ढेर कर दिया गया है। मारे गए खतरनाक शूटरों की पहचान प्रवेश और हिमांशु के रूप में हुई है, जो हांसी के चर्चित जिम संचालक कपिल हत्याकांड के मुख्य आरोपी थे। इन दोनों पर हरियाणा पुलिस द्वारा एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इस खूनी मुठभेड़ के दौरान दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल का एक जांबाज सिपाही भी पैर में गोली लगने से घायल हुआ है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस पूरे संयुक्त ऑपरेशन की पुष्टि हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विक्रांत भूषण ने की है।
चारों तरफ से घिरने पर शूटरों ने झोंकी गोलाबारी, जैकेट ने बचाई अफसरों की जान
हरियाणा एसटीएफ के एसपी विक्रांत भूषण ने घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पिछले महीने हांसी में जिम संचालक कपिल की दो अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। पुलिस तफ्तीश में सामने आया कि इस वारदात के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े प्रवेश और हिमांशु का हाथ था। रविवार तड़के दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (काउंटर इंटेलिजेंस टीम) को खुफिया सूचना मिली कि वांछित चल रहे ये दोनों शूटर बहादुरगढ़ के पास किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से छिपे हुए हैं। इसके बाद दिल्ली स्पेशल सेल और हरियाणा एसटीएफ ने तुरंत संयुक्त रणनीति तैयार की और इलाके को चारों तरफ से सील कर दिया। जैसे ही पुलिस टीमों ने आत्मसमर्पण के लिए दबाव बनाते हुए दोनों को आत्मसमर्पण करने को कहा, शूटरों ने अत्याधुनिक हथियारों से सीधे पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
आत्मरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस टीमों को भी जवाबी कार्रवाई में गोलियां चलानी पड़ीं। मुठभेड़ इतनी भीषण थी कि बदमाशों द्वारा चलाई गईं गोलियां चार पुलिस अधिकारियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर जा लगीं, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई। हालांकि, इस क्रॉस फायरिंग के दौरान स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट के सिपाही अंकित के पैर में एक गोली लग गई। जवाबी गोलाबारी में दोनों शूटर भी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। घायल सिपाही अंकित को तुरंत एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में रेफर किया गया है, जहां उनकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
घटनास्थल पर फॉरेंसिक जांच, गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
सफल एनकाउंटर के बाद हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) और जिला क्राइम टीम ने फौरन घटनास्थल का दौरा कर वहां से खोखे, हथियार और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। इस दुस्साहसिक वारदात को लेकर बहादुरगढ़ सदर थाने में सरकारी पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला करने, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर व सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इन दोनों इनामी शूटरों के खात्मे से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लोकल नेटवर्क और रंगदारी व फिरौती के सिंडिकेट को दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में एक बहुत बड़ा झटका लगा है।



