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मुजफ्फरनगर में धर्मांतरण का बड़ा बवाल! पैसों और इलाज का लालच देकर धर्म बदलवाने का आरोप, 14 पर FIR, गिरफ्तारी को तीन पुलिस टीमें गठित

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मुजफ्फरनगर। जनपद के मंसूरपुर थाना क्षेत्र स्थित जड़ौदा गांव में कथित धर्मांतरण के मामले ने तूल पकड़ लिया है। सूचना मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराते हुए जांच शुरू कर दी।

पुलिस के अनुसार, मौके से सात पुरुषों और पांच महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। तलाशी के दौरान तीन बाइबल की किताबें और कुछ पहचान पत्र भी बरामद किए गए। शिकायत के आधार पर थाना मंसूरपुर में उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 की धारा 3 और 5(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस ने इस मामले में राशिद, मनीष, संजीव, संगीता, पूजा, मोनू, आशु, चांदनी, सरिता, अमरीश, कार्तिक, कनक, शीशपाल और प्रवीण सहित 14 लोगों को नामजद किया है। अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

शिकायतकर्ता एवं बजरंग दल के जिला संयोजक रवि चौधरी का आरोप है कि जड़ौदा गांव के एक गोदाम में आसपास के गांवों से करीब 200 लोगों को एकत्र किया गया था। उनका दावा है कि वहां लोगों को पैसों, बीमारी के इलाज और अन्य तरह के प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी राशिद पूरे कार्यक्रम का संचालन कर रहा था और वहां चर्च बनाने की भी तैयारी चल रही थी। शिकायतकर्ता ने मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच शुरू की गई। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में कुछ लोगों को कथित रूप से प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने की बात सामने आई है। शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमों का गठन किया गया है।

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एसएसपी ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

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