मुज़फ्फ़रनगर। मंगलवार को मुज़फ्फ़रनगर में मौसम ने एक बार फिर करवट ली और शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दिला दी। दोपहर बाद शुरू हुई बारिश ने जहां तापमान में गिरावट ला दी, वहीं कई इलाकों में भारी जलभराव ने लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा दीं। बारिश के बाद मौसम तो सुहावना हो गया, लेकिन हवा की रफ्तार कम होने की वजह से उमस ने लोगों का पीछा नहीं छोड़ा।
बारिश का सबसे ज्यादा असर जानसठ तहसील क्षेत्र में देखने को मिला। बेहड़ा अस्सा गांव में कई गलियां और सड़कें पानी में डूब गईं। गांव के झारेड़ा मोहल्ले के रविदास मंदिर के बाहर सड़क पूरी तरह तालाब में तब्दील हो गई। जलभराव इतना ज्यादा था कि सड़क बच्चों के लिए स्विमिंग पूल बन गई और बच्चों ने घंटों पानी में उतरकर जमकर मौज-मस्ती की। इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बारिश का असर पर्यावरण पर भी साफ दिखाई दिया। पिछले कई दिनों से 300 के पार रहने वाला एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) मंगलवार को गिरकर महज 95 पर पहुंच गया, जिससे हवा की गुणवत्ता में बड़ा सुधार दर्ज किया गया। बारिश ने वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषण के कणों को काफी हद तक साफ कर दिया।
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि हवा की औसत रफ्तार केवल 5 किलोमीटर प्रति घंटा रहने के कारण लोगों को उमस का एहसास होता रहा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले एक-दो दिन इसी तरह बारिश होती रही तो तापमान में और गिरावट आ सकती है।
उधर, शहर के कई निचले इलाकों और बाजारों में जलभराव के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। कई दोपहिया वाहन पानी में बंद हो गए, जबकि पैदल निकलने वाले लोगों को भी काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों ने इस बारिश को खरीफ फसलों के लिए लाभदायक बताया है।



