मुज़फ्फ़रनगर। युवाओं को नशे के दलदल में धकेलने वाले एक बड़े नेटवर्क पर नई मंडी पुलिस और एसओजी ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बड़ी चोट की है। ‘ऑपरेशन सवेरा – नशे के अंधकार से जीवन के उजाले की ओर’ अभियान के तहत पुलिस ने 76,800 प्रतिबंधित नशीले NRX कैप्सूल के साथ सप्लायर और डिस्ट्रीब्यूटर समेत छह तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद कैप्सूल की बाजार कीमत करीब 20 से 25 लाख रुपये आंकी गई है।
मंगलवार दोपहर 2 बजे पुलिस ऑफिस में SP सिटी अमृत जैन द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए बताया कि बिलासपुर चौराहे पर चेकिंग के दौरान पुलिस को एक सटीक सूचना मिली थी कि कूकड़ा ग्राउंड में कुछ लोग नशीले कैप्सूल की खेप के बंटवारे की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही नई मंडी पुलिस और एसओजी ने मौके पर घेराबंदी कर छह आरोपियों को दबोच लिया।
पुलिस ने मौके से चार कार्टन में रखे 76,800 नशीले कैप्सूल बरामद किए। ये कैप्सूल स्पासमोर और स्पासमेड कंपनी के बताए जा रहे हैं, जिनमें ट्रामाडोल जैसे प्रतिबंधित तत्व पाए जाते हैं। इनके अलावा पांच मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि फरार आरोपी सुमित यह प्रतिबंधित दवाएं उपलब्ध कराता था। उसके बाद इन्हें ब्लैक मार्केट में ऊंचे दामों पर बेचने का पूरा नेटवर्क काम करता था। आरोपियों ने बताया कि ये दवाएं केवल पंजीकृत डॉक्टर की सलाह पर ही दी जा सकती हैं, लेकिन गिरोह इन्हें अवैध तरीके से खरीदकर नशे के कारोबार में इस्तेमाल कर रहा था।
SP सिटी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में जावेद, नौशाद, मोहम्मद आजाद, नवीन कुमार, मोहम्मद कासिफ और सचिन गुप्ता शामिल हैं, जबकि मुख्य सप्लायर सुमित अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन कर दिया गया है।
उन्होंने ये भी बताया कि यह कार्रवाई केवल बरामदगी तक सीमित नहीं रहेगी। पुलिस अब इस गिरोह के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक, दवाओं की सप्लाई चेन, खरीद-फरोख्त के नेटवर्क और अन्य राज्यों से जुड़े कनेक्शन की भी गहन जांच कर रही है।



