वायनाड। केरल के वायनाड जिले से एक बेहद दर्दनाक और विचलित करने वाली खबर सामने आ रही है। यहां के कल्लाडी स्थित मीनाक्षी ब्रिज के पास चल रहे एक सुरंग निर्माण परियोजना स्थल पर अचानक भीषण भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हो गया। इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से अब तक चार प्रवासी मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मलबे का आकार और गहराई इतनी ज्यादा है कि जिला प्रशासन को मृतकों की संख्या और बढ़ने की गंभीर आशंका है। लापता लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मुस्तैद हैं।
मिट्टी का पहाड़ ढहने से मलबे में दबे मजदूर, नौ घायल अस्पताल में भर्ती
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सुरंग के निर्माण कार्य के दौरान खुदाई से निकाली गई भारी मात्रा में मिट्टी और मलबे को एक जगह डंप किया गया था। कल्लाडी क्षेत्र में अचानक यह समूचा मलबा ताश के पत्तों की तरह ढह गया, जिससे वहां मुस्तैदी से काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए और संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस दर्दनाक हादसे में नौ लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। वहीं, छह लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में खोजी दस्ते लगातार जुटे हुए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने संभाला मोर्चा, गंभीर घायलों का आईसीयू में इलाज जारी
केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने इस दुखद घटनाक्रम की जानकारी साझा करते हुए बताया कि मलबे से निकाले गए तीन प्रवासी मजदूरों के शवों का पोस्टमार्टम वैथिरी तालुक अस्पताल में पूरा कर लिया गया है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में देरी न हो, इसके लिए सुल्तान बथेरी तालुक अस्पताल से विशेष सर्जनों की टीम को भी वैथिरी बुलाया गया था। मंत्री ने बताया कि मेप्पाडी स्थित डब्ल्यूआईएमएस अस्पताल में भर्ती नौ घायलों में से दो को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। उपचाराधीन सात लोगों में एर्नाकुलम के एक साइट इंजीनियर भी शामिल हैं, जिनकी हालत फिलहाल स्थिर है। हालांकि, दो घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है और वे आईसीयू में भर्ती हैं, जिनमें से एक के सिर और दोनों पैरों में गंभीर फ्रैक्चर आया है।
राहत शिविरों में डॉक्टरों की फौज तैनात, चौबीस घंटे मेडिकल टीम अलर्ट
आपदा की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग बेहद सक्रिय भूमिका निभा रहा है। मेप्पाडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो पल-पल की स्वास्थ्य सेवाओं और राहत कार्यों की निगरानी कर रहा है। भूस्खलन के कारण विस्थापित हुए लोगों के लिए मेप्पाडी पॉलिटेक्निक में एक अस्थाई राहत शिविर बनाया गया है, जहां वर्तमान में बयालीस परिवारों के एक सौ बयालीस लोगों को सुरक्षित ठहराया गया है। शिविर में रह रहे लोगों की मानसिक और शारीरिक स्थिति को देखते हुए वहां चौबीस घंटे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम तैनात की गई है। प्रशासन का कहना है कि रात के समय बचाव कार्य रोके जाने के बाद भी एम्बुलेंस और मेडिकल टीमें ग्राउंड जीरो पर तैनात रहेंगी।
मुख्यमंत्री आज करेंगे प्रभावित क्षेत्र का हवाई दौरा, राहत कार्यों की होगी समीक्षा
इस बड़ी मानवीय त्रासदी को देखते हुए केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन आज यानी आठ जुलाई को वायनाड के कल्लाडी स्थित भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का तूफानी दौरा करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सुबह साढ़े ग्यारह बजे विशेष हेलीकॉप्टर के जरिए वायनाड के लिए उड़ान भरेंगे। दोपहर करीब एक बजे वे मीनाक्षी ब्रिज के पास स्थित आपदा स्थल पर पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री वहां सीधे ग्राउंड जीरो पर जाकर अधिकारियों और बचाव दलों से मुलाकात करेंगे और राहत एवं पुनर्वास कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे ताकि प्रभावितों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जा सके।



