Home » उत्तराखंड » देवभूमि में आफत की बारिश: चमोली में पहाड़ी से गिरे आसमानी बोल्डर, नंदप्रयाग-नंदानगर मार्ग बंद होने से राहगीर बेहाल

देवभूमि में आफत की बारिश: चमोली में पहाड़ी से गिरे आसमानी बोल्डर, नंदप्रयाग-नंदानगर मार्ग बंद होने से राहगीर बेहाल

Facebook
Twitter
WhatsApp

देहरादून/चमोली। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार जारी मूसलाधार बारिश अब आम जनजीवन के लिए बड़ी आफत बन चुकी है। चमोली जिले से भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है, जहां बुधवार की सुबह नंदप्रयाग-नंदानगर मुख्य मोटर मार्ग पर पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर सड़क पर आ गिरा। इस भूस्खलन के दौरान आसमान से बरसे भारी-भरकम बोल्डर (विशाल पत्थर) और मलबे की वजह से यह महत्वपूर्ण मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है। सड़क के दोनों तरफ देखते ही देखते वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जिससे स्कूली बच्चों, शिक्षकों और दैनिक यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

चमन मंदिर के पास दरकी पहाड़ी, शिक्षकों ने खुद संभाला मोर्चा

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह डरा देने वाला हादसा नंदप्रयाग–नंदानगर मोटर मार्ग पर स्थित प्रसिद्ध चमन मंदिर के समीप हुआ। सुबह के वक्त जब लोग अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे, तभी अचानक ऊंची पहाड़ी से विशालकाय बोल्डर और टनों मलबा तेज आवाज के साथ मुख्य सड़क पर आ गिरा। गनीमत रही कि उस वक्त कोई वाहन इसकी चपेट में नहीं आया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। सुबह का समय होने के कारण ड्यूटी पर जा रहे कई शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने खुद ही सड़क पर उतरकर छोटे पत्थरों को हटाने का साहसिक प्रयास किया, लेकिन मलबे में तब्दील हो चुके बड़े-बड़े बोल्डरों को बिना जेसीबी मशीनों के हटाना नामुमकिन साबित हुआ।

मौसम विभाग की चेतावनी: तेरह जुलाई तक उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट

एक तरफ जहां पहाड़ों पर रास्ते बंद हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग की भविष्यवाणियों ने शासन-प्रशासन की चिंता को और अधिक बढ़ा दिया है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने आगामी तेरह जुलाई तक उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का ‘अलर्ट’ जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आज भी राज्य के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ेंगी, जबकि कई संवेदनशील जिलों में बादलों के भीषण रूप से बरसने की पूरी आशंका है। पहाड़ी क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने को लेकर भी प्रशासन को विशेष रूप से सतर्क किया गया है।

ALSO READ THIS :  उत्तराखण्ड के आईपीएस अधिकारी को संयुक्त राष्ट्र की प्रतिष्ठित भूमिका में चयन: वैश्विक मंच पर भारत की गौरवशाली उपस्थिति

इन नौ जिलों पर मंडरा रहा खतरा, निचले इलाकों में जलभराव की आशंका

मौसम विज्ञान केंद्र के बुलेटिन के अनुसार, उत्तराखंड के नौ प्रमुख जिलों पर इस मानसूनी बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। इनमें राजधानी देहरादून सहित हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर शामिल हैं, जहां कहीं-कहीं मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। इस भारी बारिश के कारण राज्य के पर्वतीय जिलों में हल्के से मध्यम स्तर के भूस्खलन, चट्टानें खिसकने और राष्ट्रीय राजमार्गों के बाधित होने का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया है। इसके अलावा मैदानी और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है।

नदियों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन अलर्ट, यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह

लगातार हो रही बारिश के मद्देनजर जिला प्रशासनों और आपदा प्रबंधन टीमों को पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। पहाड़ी नालों और मुख्य नदियों के जलस्तर में अचानक होने वाली वृद्धि और अतिप्रवाह को देखते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने या बेहद सतर्क रहने को कहा गया है। अधिकारियों ने चारधाम यात्रा और अन्य पर्वतीय मार्गों पर सफर करने वाले तीर्थयात्रियों तथा पर्यटकों को सलाह दी है कि वे मौसम की सटीक जानकारी लेने के बाद ही अपनी यात्रा शुरू करें और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से गुजरते समय विशेष सावधानी बरतें।

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें