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ग्लोबल ग्रोथ का लॉन्चपैड बना भारत: ऑकलैंड में बोले पीएम मोदी- सिर्फ 9 महीने में हुआ ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता

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ऑकलैंड। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को वैश्विक मंच से भारत की आर्थिक ताकत का लोहा मनवाते हुए कहा कि आज का भारत केवल एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक विकास का ‘लॉन्चपैड’ बन चुका है। न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में आयोजित एक विशेष व्यापारिक शिखर सम्मेलन के दौरान उन्होंने वहां के उद्योग जगत और दिग्गज व्यवसायियों से भारत की इस ऐतिहासिक विकास यात्रा में सीधे साझेदार बनने का पुरजोर आह्वान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने रेखांकित किया कि दोनों देशों के बीच संपन्न हुआ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) आने वाले समय में व्यापार, निवेश, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी, उन्नत सेवाओं और वैश्विक प्रतिभाओं के आदान-प्रदान के नए एवं अभूतपूर्व मार्ग खोलेगा।

लोकतांत्रिक मूल्यों का मजबूत आधार, रिकॉर्ड नौ महीने में पूरा हुआ एफटीए

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की गरिमामयी मौजूदगी में दोनों देशों के प्रमुख उद्योगपतियों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों की नई रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड आपस में साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन, सामाजिक विविधता और सतत विकास के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता से जुड़े हुए हैं। यही मजबूत वैचारिक आधार दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मील का पत्थर साबित होगा।

प्रधानमंत्री ने एक बड़ी उपलब्धि को साझा करते हुए बताया कि दोनों देशों ने मात्र नौ महीने के रिकॉर्ड समय में मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया है, जो वैश्विक द्विपक्षीय संबंधों के इतिहास में एक ऐतिहासिक और अनुकरणीय उपलब्धि है। उन्होंने पूर्ण विश्वास जताया कि इस समझौते की बदौलत दोनों देश वर्ष 2030 तक आपसी द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर सात अरब न्यूजीलैंड डॉलर (लगभग पैंतीस हजार करोड़ रुपये) के महात्वाकांक्षी लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लेंगे।

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न्यूजीलैंड का भारत में बीस अरब डॉलर का निवेश, आर्थिक सुधारों से खुला स्वर्णिम मार्ग

भारतीय प्रधानमंत्री ने सम्मेलन में बताया कि न्यूजीलैंड ने अगले पंद्रह वर्षों के दौरान भारत के विभिन्न रणनीतिक क्षेत्रों में बीस अरब डॉलर के भारी-भरकम निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। यह केवल एक वित्तीय निवेश नहीं है, बल्कि भारत की विकास यात्रा में पूरी सक्रियता से सहभागी बनने का एक मजबूत संकल्प भी है।

भारत की आर्थिक स्थिति का ब्यौरा देते हुए मोदी ने कहा कि भारत वर्तमान में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। देश में तेजी से विकसित हो रहा मध्यम वर्ग, देशव्यापी डिजिटल क्रांति, आधुनिक बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर), दुनिया का सबसे बड़ा कुशल युवा कार्यबल और सरकार द्वारा लगातार किए जा रहे नीतिगत सुधार विदेशी निवेशकों के लिए अभूतपूर्व अवसर प्रदान करते हैं। भारत में मौजूद नीतिगत स्थिरता, सुदृढ़ राजनीतिक स्थिरता और निरंतर हो रहे चौतरफा विकास ने उसे वैश्विक आर्थिक वृद्धि का एक सबसे महत्वपूर्ण इंजन बना दिया है।

पीएलआई योजना का लाभ उठाने की अपील, विमानन और फिनटेक में असीम संभावनाएं

प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूजीलैंड के उद्योगपतियों से भारत सरकार की महत्वाकांक्षी उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने जानकारी दी कि खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) से लेकर वस्त्र उद्योग (टेक्सटाइल) सहित चौदह प्रमुख क्षेत्रों में लगभग बीस अरब डॉलर का वित्तीय प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कंपनियों को भारत के घरेलू विनिर्माण क्षेत्र का सक्रिय हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया।

इसके साथ ही उन्होंने नागरिक उड्डयन क्षेत्र में हो रहे विकास को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत में हवाई अड्डों का जाल बिछ रहा है और देश दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन चुका है। उन्होंने दोनों देशों के व्यापारिक हितों के लिए विशेष कार्गो कॉरिडोर, सीधी उड़ान संपर्क और संयुक्त पर्यटन पैकेज विकसित करने का एक व्यावहारिक सुझाव भी दिया।

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फिनटेक और स्पेस सेक्टर में भारत की बादशाहत, माओरी समुदाय को मिला विशेष सम्मान

वैश्विक लीडर के रूप में भारत की तकनीकी प्रगति का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत फिनटेक के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है और वर्तमान में दुनिया के लगभग पचास प्रतिशत रियल-टाइम डिजिटल भुगतान अकेले भारत की धरती पर होते हैं। इसके अलावा अंतरिक्ष क्षेत्र (स्पेस सेक्टर) को निजी भागीदारी के लिए खोले जाने के बाद देश में चार सौ से अधिक स्पेस स्टार्टअप काम कर रहे हैं, जिनमें एक यूनिकॉर्न भी शामिल है।

इस व्यापार समझौते की एक और बड़ी विशेषता बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुक्त व्यापार समझौते में न्यूजीलैंड के मूल निवासी माओरी समुदाय के व्यवसायों को भी विशेष महत्व और संरक्षण दिया गया है। भारत और न्यूजीलैंड अपने इन साझा मानवीय मूल्यों के आधार पर समावेशी एवं सतत व्यापार का एक ऐसा अनूठा मॉडल विकसित कर सकते हैं जो पूरी दुनिया के लिए मिसाल बनेगा।

संबोधन के समापन पर प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के व्यापारिक मंडलों से एक अत्यंत महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी तकनीकी और आर्थिक ताकतों को मिलाकर कम से कम पांच प्रमुख संयुक्त परियोजनाओं (जॉइंट वेंचर्स) की पहचान करें और उनकी समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने के लिए एक प्रभावी साप्ताहिक व मासिक समीक्षा तंत्र विकसित करें, ताकि भारत-न्यूजीलैंड आर्थिक साझेदारी की वास्तविक क्षमता का पूरा लाभ दोनों देशों की जनता को मिल सके।

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