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मुज़फ्फ़रनगर: ‘शिव भक्ति’ की आड़ में पत्रकारों पर हमला! वरिष्ठ पत्रकार की उंगली फैक्चर, ’डिजिटल मीडिया आर्मी’ ने बनाई आर-पार की रणनीति

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मुज़फ्फ़रनगर। मुज़फ्फ़रनगर में कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस से बदसलूकी और हंगामे की घटना अब पत्रकारों पर हमले तक पहुंच गई है। शुक्रवार रात करीब 10 बजे शहर कोतवाली क्षेत्र में डबल डेकर डीजे कांवड़ को लेकर हुए विवाद के दौरान कवरेज कर रहे मीडिया कर्मियों पर भी हमला कर दिया गया। इस हमले में वरिष्ठ पत्रकार वरुण शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि पत्रकार पंकज बालियान के साथ भी मारपीट की गई।

जानकारी के अनुसार कोतवाली पुलिस ने सुरक्षा कारणों से डबल डेकर डीजे वाहन की छत पर खड़े लोगों को नीचे उतरने का अनुरोध किया था। लगातार बारिश और बिजली के तारों के बीच संभावित हादसे को देखते हुए पुलिस उन्हें समझाने का प्रयास कर रही थी। लेकिन इसी दौरान कांवड़ियों के भेष में मौजूद कुछ अराजक तत्व उग्र हो गए और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की, अभद्रता और हंगामा शुरू कर दिया।

स्थिति बिगड़ने पर मौके पर मौजूद पत्रकार पूरे घटनाक्रम की कवरेज कर रहे थे। आरोप है कि उपद्रवियों ने मीडिया कर्मियों को भी निशाना बनाते हुए उन पर हमला बोल दिया। हमले में वरिष्ठ पत्रकार वरुण शर्मा के दाहिने हाथ की अंगुली में फ्रैक्चर हो गया। उनका जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया है। वहीं पत्रकार पंकज बालियान के साथ भी मारपीट की गई। घटना के दौरान कई पत्रकारों को मौके से अपनी जान बचाकर निकलना पड़ा।

इस घटना के बाद शनिवार सुबह जिले के पत्रकार एकजुट होकर शहर कोतवाली पहुंचे और नामजद आरोपियों सहित 15 से 20 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने तथा कठोर कार्रवाई की मांग की।

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इसी क्रम में पुलिस कार्यालय परिसर स्थित रेस्टोरेंट में “डिजिटल मीडिया आर्मी” की एक आपात बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार अमित सैनी और संचालन सचिन जौहरी ने किया। बैठक में जिले के पत्रकारों ने एक स्वर में इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे पत्रकारिता की स्वतंत्रता और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला बताया।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि घटना में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। पत्रकारों ने कहा कि यदि समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो मामले को उच्च अधिकारियों तक ले जाया जाएगा और आगे की रणनीति के तहत व्यापक आंदोलन भी किया जाएगा।

बैठक के दौरान पूरे घटनाक्रम की विस्तृत समीक्षा की गई और पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। “डिजिटल मीडिया आर्मी” ने स्पष्ट किया कि कवरेज के दौरान किसी भी पत्रकार पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को कानून के दायरे में लाने तक संघर्ष जारी रहेगा।

फिलहाल पुलिस ने पत्रकारों की तहरीर प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल के वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हमलावरों की पहचान की जा रही है। पत्रकारों की मांग है कि पुलिस पर अभद्रता करने और मीडिया कर्मियों पर हमला करने वाले सभी आरोपियों के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार अमित सैनी, सचिन जौहरी, अनुज त्यागी, पवन अग्रवाल, इस्तेखार अब्बासी, आदेश सैनी, राधे उर्फ मोनू सिंह, शिवम चौधरी, शिवम जांगिड़, योगेश त्यागी, मोहम्मद जफर, आशीष, गोपी सैनी, दीपक वत्स, वासु प्रजापति, संजय कटारिया, तनवीर मलिक, प्रशांत खत्री और नवनीत कौशिक सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।

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