शामली: उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ और ‘मिशन शक्ति’ अभियान के तहत शामली जिले में महिला कल्याण विभाग द्वारा एक शानदार पहल की गई है। ब्लॉक ऊन के अंतर्गत आने वाले कश्यप सरजीत सिंह इंटर कॉलेज, लहरीपुर में ‘किशोरी क्लब’ की स्थापना की गई है। जिलाधिकारी आलोक यादव के विशेष दिशा-निर्देशों और जिला प्रोबेशन अधिकारी मोहम्मद मुशफेकीन के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचल की छात्राओं को स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करना है। इस दौरान छात्राओं को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न खेल सामग्रियां भी वितरित की गईं।
5-5 के समूहों में बंटीं बेटियां, खेल-कूद को मिलेगा बढ़ावा
विद्यालय परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं ने हिस्सा लिया। क्लब की कमान सीधे छात्राओं के हाथों में सौंपने के लिए पांच-पांच के समूह बनाकर ‘किशोरी क्लब’ की कार्यकारिणी का गठन किया गया। बालिकाओं में शारीरिक विकास और मानसिक चपलता को बढ़ावा देने के लिए विभाग की ओर से कई प्रकार की इनडोर और आउटडोर खेल सामग्री दी गई, जिसमें कैरम बोर्ड, लूडो, शतरंज, हॉकी और वॉलीबॉल शामिल हैं।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और महिला कल्याण विभाग के जेंडर स्पेशलिस्ट कुलदीप शर्मा ने छात्राओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा:”आज की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। खेल का मैदान हो, विज्ञान और तकनीक की प्रयोगशाला हो, कॉर्पोरेट जगत हो या फिर देश की सीमाओं की सुरक्षा— हर जगह महिलाएं नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि बेटियां शिक्षित होने के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक रूप से भी पूरी तरह स्वस्थ रहें। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है, इसलिए पढ़ाई के साथ खेलों में भी अपनी रुचि बनाए रखें और आत्मविश्वास के साथ अपना लक्ष्य तय करें।”
साइबर सेफ्टी, पर्सनल हाइजीन और बाल विवाह के खिलाफ दिलाई गई शपथ
इस सत्र के दौरान छात्राओं को किशोरावस्था के दौरान होने वाले शारीरिक परिवर्तनों, व्यक्तिगत स्वच्छता (Personal Hygiene) और पौष्टिक आहार के महत्व को विस्तार से समझाया गया। इसके अलावा, आज के डिजिटल युग में इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग को देखते हुए छात्राओं को ‘साइबर सुरक्षा’ (Cyber Security) के प्रति विशेष रूप से सचेत किया गया, ताकि वे किसी भी ऑनलाइन धोखाधड़ी या ब्लैकमेलिंग का शिकार न हों।
समारोह में समाज की एक बड़ी कुरीति ‘बाल विवाह’ के गंभीर दुष्परिणामों और इसके खिलाफ बने कड़े कानूनी प्रावधानों के बारे में भी छात्राओं को जागरूक किया गया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं को ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ के निर्माण की सामूहिक शपथ दिलाई गई।
सरकारी योजनाओं और आपातकालीन हेल्पलाइंस की दी गई ट्रेनिंग
महिला कल्याण विभाग की टीम ने बालिकाओं और उनके संरक्षकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं, ताकि जरूरत पड़ने पर वे इनका लाभ उठा सकें:
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मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना (बेटियों की शिक्षा और जन्म पर वित्तीय सहायता)
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मुख्यमंत्री निराश्रित महिला पेंशन योजना
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उत्तर प्रदेश बाल सेवा योजना (सामान्य एवं कोविड काल के अनाथ बच्चों के लिए)
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स्पॉन्सरशिप योजना और वन स्टॉप सेंटर की सुविधाएं
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आपातकालीन सुरक्षा के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन (1098), महिला पावर लाइन (1090) और पुलिस सहायता
इसके साथ ही ‘मिशन शक्ति’ केंद्रों की कार्यप्रणाली के बारे में बताते हुए कहा गया कि अब किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या छेड़छाड़ की शिकायत के लिए बेटियां बेझिझक स्थानीय थानों में बने महिला हेल्प डेस्क पर लिखित शिकायत दे सकती हैं, जहां उनकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखकर तत्काल कानूनी मदद पहुंचाई जाती है।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन से एमटीएस शुभम कुमार, वन स्टॉप सेंटर की काउंसलर प्रीति, कश्यप सरजीत सिंह इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ब्रह्म सिंह समेत विद्यालय का समस्त शिक्षण और प्रशासनिक स्टाफ उपस्थित रहा।



