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15 मिनट की बोर्ड बैठक में 165 प्रस्ताव पास, मुज़फ्फरनगर के विकास कार्यों को मिली रफ्तार

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मुज़फ़्फ़रनगर। नगर पालिका परिषद मुज़फ़्फ़रनगर की शनिवार सुबह करीब 11 बजे आयोजित बोर्ड बैठक महज 15 मिनट में समाप्त हो गई, लेकिन इस दौरान शहर के विकास से जुड़े करीब 100 करोड़ रुपये के 165 प्रस्तावों को मंजूरी देकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक की अध्यक्षता चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने की, जबकि नगर पालिका के अधिकारी एवं सभी सभासद मौजूद रहे।

बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सबसे बड़ा निर्णय लिया गया। बोर्ड ने अगले तीन वर्षों के लिए 17 करोड़ 39 लाख रुपये की लागत से सफाई व्यवस्था का ठेका जेएस एनवायरो कंपनी को देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके अलावा सभी 55 वार्डों में सड़क निर्माण कार्यों को गति देने, पथ प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने और सुरक्षा की दृष्टि से प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किए गए।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए शहर के दो प्रमुख नालों के गंदे पानी के जैविक शोधन (बायो-रिमेडिएशन) का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। इससे नालों से होने वाले प्रदूषण को कम करने और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

हालांकि बैठक में 600 से अधिक नामांतरण (म्यूटेशन) से संबंधित फाइलों पर कई सभासदों ने सवाल उठाए। इसके बाद इन सभी मामलों को तत्काल मंजूरी देने के बजाय सात सदस्यीय समिति गठित कर विस्तृत जांच कराने का निर्णय लिया गया। समिति सभी फाइलों की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट बोर्ड को सौंपेगी, जिसके बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।

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बैठक के दौरान राणा चौक का नाम बदलकर ‘महाराणा प्रताप चौक’ करने की मांग भी उठी। अधिशासी अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि इस प्रस्ताव पर विचार के बाद इसे शासन को भेजा जाएगा। वहीं वार्ड-49 के सभासद मनोज वर्मा ने काली नदी स्थित महाराजा अजमीढ़ स्मारक के सुंदरीकरण का प्रस्ताव भी रखा।

महज 15 मिनट चली इस बोर्ड बैठक में विकास से जुड़े कई बड़े निर्णय लिए गए, जबकि विवादित नामांतरण मामलों में जल्दबाजी के बजाय जांच और पारदर्शिता का रास्ता अपनाया गया।

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