शाहपुर से कलेक्ट्रेट तक निकाला पैदल मार्च, महिलाओं-बुजुर्गों समेत सैकड़ों मजदूरों ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
मुजफ्फरनगर। भीषण गर्मी और तेज लू के बीच सोमवार को सत्येंद्र पाल के नेतृत्व में ईंट भट्ठों पर कार्यरत श्रमिकों ने अपनी मांगों को लेकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। करीब 45 डिग्री सेल्सियस जैसी झुलसा देने वाली गर्मी में शाहपुर कस्बे से जिला मुख्यालय तक लगभग 22 किलोमीटर लंबा पैदल मार्च निकालकर सैकड़ों मजदूरों ने प्रशासन का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित किया।
सत्येंद्र पाल के नेतृत्व में महिलाओं, युवतियों, बुजुर्गों और युवाओं की बड़ी संख्या इस मार्च में शामिल रही। जिला मुख्यालय पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।

प्रदर्शनकारी मजदूरों का कहना है कि सरकार ने ईंट भट्ठा श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी 718 रुपये 35 पैसे प्रतिदिन निर्धारित की है, लेकिन अधिकांश भट्ठा संचालक आज भी उन्हें तय मजदूरी नहीं दे रहे हैं। मजदूरों का आरोप है कि कई स्थानों पर श्रमिकों से कम मजदूरी पर अधिक काम कराया जा रहा है, जबकि उनके रहने, पीने के पानी, शौचालय, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
मजदूरों ने आरोप लगाया कि अनेक भट्ठों पर आज भी श्रमिकों की स्थिति बंधुआ मजदूरों जैसी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि मजदूरी कम मिलने और सुविधाओं के अभाव के कारण उनके परिवारों का जीवन बेहद कठिन परिस्थितियों में गुजर रहा है। बच्चों की पढ़ाई से लेकर स्वास्थ्य तक हर क्षेत्र प्रभावित हो रहा है, लेकिन संबंधित विभाग इस ओर कोई प्रभावी कदम नहीं उठा रहे हैं।

भीम आर्मी के झंडों के साथ “जय भीम” के नारे लगाते हुए मजदूरों का यह पैदल मार्च शहर के शिव चौक सहित प्रमुख मार्गों से होकर कलेक्ट्रेट पहुंचा। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने सरकार से श्रम कानूनों का सख्ती से पालन कराने, सभी ईंट भट्ठों पर निर्धारित न्यूनतम मजदूरी लागू कराने और श्रमिकों को सम्मानजनक जीवन के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि ईंट भट्ठों पर समय-समय पर निरीक्षण कर श्रमिकों का शोषण करने वाले संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।



