मुज़फ्फरनगर। कांवड़ यात्रा को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए नगर पालिका परिषद मुज़फ्फरनगर ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। मंगलवार दोपहर 12 बजे नगर पालिका परिषद कार्यालय में चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सफाई व्यवस्था, जल निकासी, सार्वजनिक शौचालयों, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में अधिशासी अधिकारी पवन कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तनु तथा सफाई नायक भी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने सफाई नायकों के साथ सीधे संवाद करते हुए उनसे क्षेत्रवार सुझाव लिए और उनकी समस्याओं को भी गंभीरता से सुना। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए। विशेष रूप से कांवड़ मार्ग, शिविरों, प्रमुख चौराहों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नगर क्षेत्र के सभी सार्वजनिक शौचालय पूरी तरह कार्यशील रहें। उनकी प्रतिदिन सफाई हो तथा वहां पर्याप्त पानी, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। यदि कहीं टाइल्स टूटी हुई हों या कोई अन्य तकनीकी कमी हो तो उसे तत्काल दुरुस्त कराया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या पर भी विशेष चर्चा हुई। चेयरपर्सन ने बताया कि बझेड़ी अंडरपास पर प्रत्येक वर्ष बारिश के समय जलभराव की समस्या सामने आती रही है। इस बार इस समस्या से निपटने के लिए पहले से ही उच्च क्षमता की पंपिंग मशीन स्थापित कर दी गई है, जिससे बारिश होने पर पानी की निकासी तेजी से की जा सके और कांवड़ियों के आवागमन में कोई बाधा उत्पन्न न हो।
मीनाक्षी स्वरूप ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तनु और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। यदि किसी क्षेत्र में सफाई कर्मियों को कोई समस्या आती है तो उसकी सूचना तत्काल अधिशासी अधिकारी पवन कुमार को दी जाए, ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके।
उन्होंने दो टूक कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
चेयरपर्सन ने बताया कि बैठक में पिछले वर्षों की कांवड़ यात्रा के अनुभवों और सामने आई चुनौतियों की भी समीक्षा की गई। इस बार उन्हीं अनुभवों के आधार पर व्यवस्थाओं में सुधार किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को पहले से बेहतर सुविधाएं मिल सकें और यात्रा पूरी तरह स्वच्छ, सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो।



