मुज़फ़्फ़रनगर। कांवड़ यात्रा में इस बार एक से बढ़कर एक अनोखी कांवड़ देखने को मिल रही हैं, लेकिन मंगलवार रात करीब 10 बजे नगर की हृदयस्थली शिव चौक पर पहुंची ‘जिम वाली कांवड़’ ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। दिल्ली के नजफगढ़ से आए ‘जिम लवर’ एवं बॉडी बिल्डर शिवभक्त अमित अपनी विशेष कांवड़ के साथ शिव चौक पहुंचे, जहां उनकी अनोखी थीम को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

अमित ने अपनी कांवड़ को मिनी जिम का रूप दिया है। कांवड़ के अगले हिस्से में भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा स्थापित है, जबकि पीछे वर्कआउट के लिए जिम उपकरण लगाए गए हैं। सबसे खास बात यह रही कि अमित अपनी भारी कांवड़ को मोटी लोहे की चेन से खींचते हुए यात्रा कर रहे हैं। उनके साथ चल रहे दो नन्हे शिवभक्त भी बीच-बीच में पुश-अप और अन्य फिटनेस एक्सरसाइज कर युवाओं को स्वस्थ जीवन का संदेश दे रहे हैं।
शिव चौक पर पहुंचते ही लोगों ने इस अनोखी कांवड़ के साथ फोटो और वीडियो बनाने शुरू कर दिए। “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष के बीच जिम थीम वाली यह कांवड़ सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गई।
शिवभक्त अमित ने बताया कि उन्होंने हरिद्वार से पवित्र गंगाजल उठाया है और उसे दिल्ली के नजफगढ़ स्थित शिव मंदिर में अर्पित करेंगे। उनका कहना है कि इस कांवड़ का उद्देश्य सिर्फ जलाभिषेक करना नहीं, बल्कि युवाओं को नशे से दूर रहकर फिटनेस अपनाने के लिए प्रेरित करना भी है। उनका संदेश है कि “शरीर को मंदिर बनाओ, नशे का घर नहीं। अगर नशा करना ही है तो फिटनेस का नशा करो।”
अमित ने बताया कि यात्रा के दौरान जहां भी युवा मिलते हैं, वे उन्हें वर्कआउट करने के लिए प्रेरित करते हैं। कई जगह पुश-अप और अन्य फिटनेस चैलेंज भी कराते हैं और बेहतर प्रदर्शन करने वालों को अपनी क्षमता के अनुसार पुरस्कार भी देते हैं। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि अनुशासन, संयम और शारीरिक क्षमता का भी प्रतीक है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि बिना तैयारी के अत्यधिक वजन वाली कांवड़ न उठाएं। कई लोग 80 से 100 लीटर तक जल उठाकर निकल पड़ते हैं, लेकिन अभ्यास न होने के कारण बीच रास्ते में कांवड़ छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। इसलिए पहले शरीर को मजबूत बनाएं, नियमित व्यायाम करें और फिर पूरी श्रद्धा के साथ कांवड़ यात्रा करें।



