नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने नीट पेपर लीक मामले में कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में वास्तविक जिम्मेदार लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है। साथ ही उन्होंने एंटी पेपर लीक विधेयक, ‘वंदे मातरम’ विधेयक और उत्तर प्रदेश की 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
नीट पेपर लीक मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में अवधेश प्रसाद ने कहा कि इस मामले में अभी तक उन लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई है, जो वास्तव में जिम्मेदार हैं। उनका आरोप है कि सरकार कई लोगों को बचाने का काम कर रही है और जांच अभी उन तक नहीं पहुंची है।
‘कानून नहीं, सरकार की नीयत ज्यादा महत्वपूर्ण’
एंटी पेपर लीक विधेयक पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा सांसद ने कहा कि केवल नया कानून बना देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी कानून की प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसे लागू करने वालों की नीयत क्या है।
उन्होंने कहा कि देश में पहले से कई कानून मौजूद हैं, लेकिन उनका अपेक्षित असर नहीं दिखता। ऐसे में केवल नया विधेयक लाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता है।
‘युवाओं के दबाव में सरकार को झुकना पड़ा’
अवधेश प्रसाद ने दावा किया कि नीट पेपर लीक मामले में देशभर के युवाओं ने जिस तरह एकजुट होकर आवाज उठाई, उसके चलते सरकार को कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि सरकार को विश्वास था कि उस पर कोई दबाव नहीं बना सकता, लेकिन युवाओं के आंदोलन ने यह साबित कर दिया कि लोकतांत्रिक दबाव के आगे सरकार को झुकना पड़ता है।
‘वंदे मातरम’ की भावना को साकार करने की जरूरत’
‘वंदे मातरम’ विधेयक पर उन्होंने कहा कि इस गीत का पूरे देश में सम्मान है और यह कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता इस बात की है कि ‘वंदे मातरम’ की मूल भावना, प्रेरणा और उसके आदर्शों को व्यवहार में उतारा जाए।
69 हजार शिक्षक भर्ती का भी उठाया मुद्दा
उत्तर प्रदेश में 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले पर योगी सरकार के हलफनामे को लेकर अवधेश प्रसाद ने कहा कि समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को लगातार उठाती रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में भी पार्टी ने इस विषय को मजबूती से रखा था, लेकिन सरकार हर बार यह कहकर जवाब देती रही कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
उनका आरोप है कि आज भी यह मामला लंबित है और सरकार के पास अपने पक्ष में कोई ठोस तर्क या पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं।
फखरुल हसन चांद ने भी सरकार को घेरा
इस बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने भी नीट पेपर लीक मामले में सरकार की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जनता और युवाओं के भारी दबाव के बाद सरकार ने कार्रवाई शुरू की है। उनका दावा है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए गए होते और जिम्मेदारी तय की गई होती, तो युवाओं को सड़कों पर उतरकर आंदोलन नहीं करना पड़ता।



